प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शहर आगमन का विरोध कर रहे कांग्रेेसियों ने रविवार को पोल-खोल कार्यक्रम के तहत काला दिवस मनाया। आनंद भवन के पास प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों को पुलिस गिरफ्तार कर कर्नलगंज थाने ले गई, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। उधर सुभाष चौराहे पर जुटे कांग्रेसियों को पुलिस ने लाठी भांजकर खदेड़ दिया।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य मुकुंद तिवारी के नेतृत्व में दर्जन भर कार्यकर्ता पीएम मोदी का विरोध करने के लिए जुटे। वे ‘मोदी वापस जाओ, महंगाई घटाओ’ के नारे लगा रहे थे। बिना अनुमति प्रदर्शन पर कई थानों की फोर्स के साथ सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी पहुंचे और मुकुंद तिवारी, तारिक सईद अज्जू, हरदेव सिंह, राम किशुन पटेल, वीरेंद्र सोनकर, राजाराम कनौजिया, इमरान वजूद, अजीत कुशवाहा, नसीम, अनिल प्रजापति, कौशल सोनकर को गिरफ्तार कर लिया। कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। वहीं कांग्रेसी नेता हसीब अहमद के नेतृत्व में कांग्रेसी देश में बढ़ती महंगाई और असहिष्णुता के मुद्दे पर पीएम के आगमन पर सुभाष चौराहे पर विरोध कर रहे थे।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह से विरोध जताने के लिए कांग्रेसी नेता होटल कान्हा श्याम की ओर बढ़ रहे थे। तभी सिविल लाइंस इंस्पेक्टर महेश पांडेय कई थानों की फोर्स के साथ आ गए। होटल की ओर बढ़ रहे कांग्रेसियों को लाठी भांजकर खदेड़ दिया, जबकि प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हसीब अहमद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं स्टूडेंट गार्जियन फ्रंट की ओर से महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर पीएम का पुतला फूंका गया। फ्रंट के नेता इविवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि शहर के विभिन्न मोहल्लों में फ्रंट के बैनर तले छात्रों ने विरोध में प्रदर्शन किया और जुलूस निकाला। बताया कि बालसन चौराहे पर गांधी प्रतिमा के पास पीएम का पुतला फूंका।