इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ के विभिन्न थानों में दर्ज 20 आपराधिक मामलों में दो जमानतदार और व्यक्तिगत बॉन्ड स्वीकार करने का आदेश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की एकल पीठ ने मोहम्मद कलीम खान की याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता को जयनपुर, गंभीरपुर, जहानागंज, कप्तानगंज, अतरौलिया, अहरौला, महमूरगंज, सरायमीर, तहबरपुर, कंधरापुर, देवगांव, फूलपुर और रानी की सराय थानों में दर्ज कुल 20 मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है। याचिका दायर कर मांग की गई थी कि सभी मामलों में दो ही जमानतदार और व्यक्तिगत बॉन्ड स्वीकार करने का आदेश विचारण अदालत को दिया जाए।
कोर्ट ने पूछा कि क्या याची ने ट्रायल कोर्ट में आवेदन किया था नहीं। अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा कि जब ट्रायल कोर्ट में प्रयास ही नहीं किया गया तो याची को कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, उसे उच्चतम न्यायालय के हनी निशाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के 29 अक्तूबर 2018 के फैसले के आलोक में नए सिरे से आवेदन दाखिल करने की छूट दी गई है। विचारण अदालत उस पर कानून के अनुसार निर्णय करेगी।