लोकसभा चुनाव में भी नहीं किया था सपा का प्रचार
पूजा पाल ने लोकसभा चुनाव में भी समाजवादी पार्टी से दूरी बनाए रखीं। वह अखिलेश यादव या सपा के अन्य किसी नेता के साथ मंच पर भी नजर नहीं आईं। हालांकि लोकसभा चुनाव में वह खुलकर भाजपा प्रत्याशी के लिए भी प्रचार नहीं किया था, लेकिन फूलपुर उप चुनाव में वह खुलकर भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रही हैं और पर्चे बांट रही हैं। उनके प्रचार का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पति राजू पाल की विधायक रहते हो गई थी हत्या
माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ को 2004 के विधानसभा चुनाव में शहर पश्चिमी से हराने के कुछ महीने बाद ही राजू पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राजू पाल ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हत्या का आरोप माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ पर लगा। एक बाद हुए विधानसभा चुनाव में पूजा पाल ने खालिद अजीम उर्फ अशरफ को पराजित किया था।
ओबीसी बाहुल्य है फूलपुर विधानसभा
फूलपुर विधानसभा ओबीसी बाहुल्य है। यहां पर कुर्मी और यादव मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है। यही कारण है कि भाजपा हर बार किसी पिछड़ी जाति से जुड़े व्यक्ति को ही चुनाव मैदान में उतारती है। इसके पहले प्रवीण पटेल यहां से विधायक थे। उनके सांसद बनने के बाद दीपक पटेल को भाजपा ने उप चुनाव में टिकट दे दिया है। दीपक की मां केशरी देवी पटेल फूलपुर से सांसद भी रह चुकी हैं और दीपक करछना सीट से बसपा के टिकट पर विधानसभा पहुंच चुके हैं। बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था।