अर्द्धकुंभ-2019 से पहले पर्यटन की दृष्टि से इलाहाबाद तथा आसपास के जिलों की तस्वीर भी बदल जाएगी। अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत तकरीबन एक अरब रुपये खर्च होंगे। इनमें से कई प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं। कई योजनाओं की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है।
महिला एवं बाल कल्याण तथा पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि अर्द्धकुंभ आयोजन को लेकर सरकार काफी गंभीर है। अर्द्ध कुंभ की तैयारियों पर ही कैबिनेट की एक विशेष बैठक होगी। उसमें योजनाओं और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। सभी काम आठ महीने पहले पूरे हो जाएंगे। इसीलिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। बताया कि अर्द्धकुंभ के मद्देनजर पर्यटन विभाग की ओर से भी 16.60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। इससे पर्यटन सूचना केंद्रों का स्थाई-अस्थाई स्थापना, पर्यटन पुलिस बल का उच्चीकरण, पर्यटक आवास गृह, इलावर्त एवं त्रिवेणी दर्शन का उच्चीकरण, पर्यटन प्रदर्शनी, ब्रोशर आदि काम होंगे। यह सब पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
रीता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को ध्यान में रखकर विभिन्न परिपथ के निर्माण का निर्णय लिया है। भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत शृंग्वेरपुर के विकास के लिए 73 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें घाटों का निर्माण, सुलभ प्रसाधन, बेंचेज, पेयजल आदि की योजनाएं शामिल हैं। इसके लिए 13 करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। कृष्ण परिपथ, बौध परिपथ और रामवन गमन मार्ग को पर्यटन की दृष्टि से विकसित जाएगा। पड़िला महादेव से करछना के बीच पड़ने वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी विकास होगा।
इसके लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। आई स्पर्श योजना के अंतर्गत जिले में छह गांवों का चयन किया गया है। इनमें ती गांवों, कौहल देवी, बराव मंदिर और बहरिया हनुमान मंदिर के लिए 45-45 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। 22-22 लाख रुपये की प्रथम किस्त से काम शुरू कर दिया गया है। डॉ. जोशी ने बताया कि पर्यटन के लिहाज से इलाहाबाद, कौशाम्बी और वाराणसी का एक पैकेज तैयार किया जाएगा। काशी की तर्ज पर इलाहाबाद में प्रवेश करने के सात मार्ग पर द्वार बनाए जाएंगे। उन्होंने पर्यटन विभाग की अन्य योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के कल्याण के लिए भी कई योजनाएं शुरू हैं। कई नए प्रस्ताव भी हैं।
डॉ.जोशी ने सरकार की अन्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि खनन नीति जल्द ही आ जाएगी। सभी विभागों के काम निर्धारित कर दिए गए हैं। उनकी समीक्षा भी शुरू हो गई है। रोजाना तीन-चार विभागों की समीक्षा होती है। इसमें दूसरे विभाग के मंत्री भी सलाह दे सकते हैं। गेहूं खरीद का औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री और मंत्री स्वयं करेंगे।
डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि किला स्थित अक्षयवट का लोग दर्शन कर सकें इसके प्रयास शुरू किए गए हैं। किला में प्रवेश के लिए सेना को पत्र लिखा गया है। केंद्र सरकार से भी इस संबंध में बात की जाएगी। कोशिश है कि अक्षयवट अर्द्धकुंभ से पहले ही खुल जाए।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच को लेकर दबाव और बढ़ गया है। प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ.रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि छात्रों का मांगपत्र उन्हें मिला है। प्रेसवार्ता में डॉ.जोशी ने कहा कि सीबीआई जांच का प्रस्ताव वह कैबिनेट की बैठक में रखेंगी। आयोग तथा अन्य संस्थाओं की भर्तियों में अनियमितता को लेकर सरकार गंभीर है। कई कदम भी उठाए गए हैं। भर्तियों की सीबीआई जांच पर भी जल्द चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री की बैठक से पहले जिला प्रशासन अर्द्धकुुंभ के प्रस्तावों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। कलेक्ट्रेट में सोमवार को हुई बैठक में शासन को भेजे जाने वाले विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। स्थाई तथा अस्थाई निमार्ण कार्य के लिए विभागों की ओर से कुल 32 अरब रुपये से अधिक के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों के भी सुझाव लिए गए। विधायक प्रवीण पटेल ने अर्द्धकुंभ के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते रहने की बात कही। एडीएम वित्त एवं राजस्व डीएस पांडेय ने जन प्रतिनिधियों के सुझावों को शामिल करते हुए प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने दो दिन में पॉवर प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा। बैठक में अर्द्धकुंभ से जुड़े विभागों के अफसर मौजूद रहे।
मंत्री डॉ.रीता बहुगुणा जोशी ने तीन तलाक पर कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले में महिलाओं का पक्ष न्यायालय में रखेगी। शराब बंदी पर स्पष्ट तौर पर कुछ बोलने से वह बचती रहीं। उन्होंने कहा कि जल्द ही आबकारी नीति लाई जाएगी।