इलाहाबाद(ब्यूरो)। हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल करने वाले वादकारियों के लिए मंगलवार से फोटो एफिडेविट अनिवार्य कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि याचिका पर याची का फोटो युक्त हलफनामा लगेगा और यह फोटो उसे हाईकोर्ट के फोटो एफिडेविट सेंटर में आकर खिंचवाना होगा। अन्य कोई हलफनामा मान्य नहीं होगा। याचिकाएं दाखिल करने में हो रहे फर्जीवाड़ा रोकने के इरादे से ऐसा किया गया है। मंगलवार को करीब 250 वादकारियों ने सेंटर पर जाकर फोटो खिंचवाए। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इस नियम लागू को लागू करने वाले के लिए पिछले दस वर्षों से प्रयासरत था।
बार के महासचिव अशोक सिंह के मुताबिक वादकारी से फोटो एफिडेविट के लिए 100 रुपये लिए जाएंगे। इस रकम में से 80 रुपये बार के मेडिकल कंटीजेंसी फंड में जमा किए जाएंगे। राशि का उपयोग गंभीर रूप से बीमार होने वाले वकीलों के इलाज में मदद में आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में किया जाएगा। फंड की निगरानी और उपयोग के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। हाईकोर्ट बार के पूर्व उपाध्यक्ष एके ओझा, जेबी सिंह, श्यामाचरण त्रिपाठी आदि ने इस निर्णय की सराहना की है। यह जानकारी संयुक्त सचिव प्रेस जनार्दन यादव ने दी।