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फाफामऊ सामूहिक हत्याकांड : दस दिन बाद भी पुलिस के हाथ नहीं लगा कोई ठोस सुबूत

Sun, 05 Dec 2021 03:50 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गोहरी हत्याकांड में मृतकों के परिजनों की ओर से नामजद कराए गए 11 में से 10 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें से चार को एससी-एसटी एक्ट के पुराने मामले में जेल भेजा जा चुका है।
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four murder in prayagraj - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फाफामऊ के गोहरी गांव में दलित परिवार की हत्या हुए दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस इस लोमहर्षक घटना की अभी तफ्तीश ही कर रही है। उसके हाथ कोई भी ठोस सुबूत नहीं लगा है। मामले में पांच लोगों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि सात को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है लेकिन नतीजा सिफर है। हाल यह रहा कि  गोहरीकांड को लेकर पिछले कई दिनों से चुप्पी साधने वाले पुलिस अफसर शनिवार को भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं रहे।

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गोहरी हत्याकांड में मृतकों के परिजनों की ओर से नामजद कराए गए 11 में से 10 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें से चार को एससी-एसटी एक्ट के पुराने मामले में जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा एक पड़ोसी को भी पूछताछ के लिए उठाया गया। इसकेबाद पवन सरोज को पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जेल भेज दिया। तीन दिन पहले घटना में मारी गई युवती के लेहरा गांव के रहने वाले प्रेमी व उसकेमौसेरे भाई को हिरासत में ले लिया।

four murder in prayagraj - फोटो : अमर उजाला

पकड़े गए कथित प्रेमी की संलिप्तता साबित नहीं कर पा रही पुलिस

गोहरीकांड की जानकारी 25 नवंबर को हो सकी थी और इसके बाद से अब तक  पुलिस के हाथ खाली ही हैं। पुलिस के पास न तो पवन सरोज को कातिल ठहराने के लिए ठोस सबूत हैं और न ही युवती के प्रेमी और उसके मौसेरे भाई की घटना में संलिप्तता का कोई प्रमाण है। सभी आरोपियों के डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल भेजे जा चुके हैं। साथ ही फिंगर प्रिंट मिलान की भी कार्यवाही जारी है। पहले दिन से ही मामले में जवाब देने से बचने वाले अफसरों के पास 10 दिन बाद भी बताने को कुछ नहीं है। यह हाल तब है जबकि  घटना की पड़ताल मेंन सिर्फ एसओजी के तेजतर्रार पुलिसकर्मी बल्कि अफसर भी लगे हुए हैं।

Prayagraj News : पुलिस ने खोजी कुत्ते के माध्यम से छानबीन की। - फोटो : प्रयागराज

मृतक युवती की सहेली से पूछताछ

पुलिस की एक टीम ने शनिवार को मृतक किशोरी की एक सहेली से पूछताछ की। उससे मृतका के बारे में जानकारी ली और उसके दोस्तों के बारे में भी पूछताछ की। दरअसल मृतका के मोबाइल की कॉल हिस्ट्री में जिन लोगों के नंबर मिले हैं, उसमें उसकी सहेली का भी नंबर शामिल है। मृतका अक्सर उससे बातचीत करती थी। यही वजह है कि पुलिस ने उससे पूछताछ की।
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Prayagraj News :घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़। - फोटो : prayagraj

क्या अफसरों को गुमराह करने की थी कोशिश?

चर्चा इस बात की भी है कि इस मामले में कुछ पुलिसकर्मियों ने अफसरों को गुमराह करने की कोशिश की। दरअसल युवती के प्रेमी व मौसेरे भाई से पूछताछ के बाद अफसरों को बताया गया था कि दोनों ने घटना में संलिप्तता की बात कबूल कर ली है। लेकिन जब अफसरों ने खुद उनसे पूछताछ की तो मामला उलट गया। दोनों ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उनका घटना से कोई लेना-देना नहीं है। यही वजह है कि मामले का खुलासा होते-होते रह गया और पुलिस को बैकफुट पर जाना पड़ा। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी और अफसर भी कुछ बोलने से इनकार करते रहे। 

फिलहाल मामले में कोई नई जानकारी नहीं सामने आई है और टीमें जांच में लगी हैं। साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी/एसएसपी
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