कोर्ट ने ईडी, एसएफआईओ और ईडब्ल्यूओ से मामले की जांच की प्रगति जाननी चाही। ईडी और एसएफआईओ ने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट प्रस्तुत की लेकिन कोर्ट ने उसे लेने से मना कर दिया। कहा, जांच के दौरान फ्लैट, गाड़ियां या अन्य जो चीजें सीज की गई हैं, उनका विवरण हलफनामे में प्रस्तुत करें। कोर्ट ने जांच एजेंसियों की जांच पर भी पिछली बार की तरह सवाल उठाए और असंतुष्टि जताते हुए मामले में अगली सुनवाई की तिथि 12 दिसंबर निर्धारित करते हुए सीबीआई के अधिवक्ता को भी पेश होने केलिए कहा।
कोर्ट ने जांच एजेंसियों से पूछा कि राशिद नसीम का प्रत्यर्पण कैसे होगा? बताया गया कि रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने सहित कई और उपाय किए गए हैं। कोर्ट ने सोशल मीडिया साइट्स यूट्यूब पर राशिद नसीम की ओर से किए जा रहे प्रसारण पर रोक न लगा पाने पर नाराजगी जताई। कहा, एजेंसियां आपसी समन्वय बनाकर काम नहीं कर रही हैं। इस पर ईडी और एसएफआईओ के अधिवक्ता ने तीन महीने का समय मांगा लेकिन कोर्ट ने उसे नहीं माना।
शाइन सिटी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने इस दौरान हलफनामा पेश कर रिकॉर्ड प्रस्तुत करना चाहा तो कोर्ट ने पूछा कि इसके अलावा कोई रिकॉर्ड नहीं है तो उनके अधिवक्ता ने कहा कि उनके पास जो उपलब्ध है, वह उसे पेश कर रहे हैं। रिकॉर्ड और हो सकते हैं क्योंकि, उनका ऑफिस सील है। इस पर कोर्ट ने उनका हलफनामा लेने से मना कर दिया।