बदायूं रेप कांड को लेकर बनी फिल्म आर्टिकल 15 पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में गैंगरेप के आरोपियों को ब्राह्मण बताया गया है। इसके जरिए सामाजिक विद्वेष फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति राम सूरत राम मौर्य और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने इसे पांच जुलाई को नियमित पीठ के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। कानपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता पंकज कुमार दीक्षित ने याचिका दाखिल कर 28 जून को होने वाले फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है।
याचिकर्ता का कहना है कि फिल्म में मूल तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है और जाति विशेष को बदनाम करने का प्रयास किया गया है। याचिका में फिल्म के निर्देशक अनुभव सिन्हा, अभिनेता आयुष्मान खुराना, ईशा तलवार, सयानी गुप्ता, कुमुद मिश्र, मोहम्मद जीशान अयूब, अनुराग सोफिया और लेखक गौरव सोलंकी को पक्षकार बनाया गया है।