इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली बिल में गड़बड़ी और स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी को लेकर दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट का मानना था कि याचिका सिर्फ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर दाखिल की गई है। जबकि इसमें पीड़ित उपभोक्ताओं का कोई पक्ष नहीं रखा गया है। याचिका समाजसेवी योगेंद्र कुमार पांडेय और अधिवक्ता पूजा मिश्रा की ओर से दाखिल की गई थी। इस पर न्यायमूर्ति एमएन भंडारी और न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की पीठ ने सुनवाई की।
याचिका पर अधिवक्ता विजय चंद्र श्रीवास्तव, शरद चंद्र मिश्र, सुनीता शर्मा आदि ने पक्ष रखा। इनका कहना था कि खराब स्मार्ट मीटरों से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारी गलत बिल भेज रहे हैं और फिर उनको दुरुस्त करने के नाम पर धांधली की जा रही है। कोर्ट का कहना था कि इसमें उपभोक्ताओं की शिकायतों या उनके गलत बिलों के प्रमाण नहीं लगाए गए हैं। कोर्ट ने याचिका वापस लिए जाने के आधार पर इसे खारिज कर दिया और बेहतर याचिका दाखिल करने की छूट दी है।
अधिवक्ता विजय चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने तमाम उपभोक्ताओं से संपर्क कर उनके गलत बिजली के बिल और शिकायतें मांगी हैं। यदि कोई भी उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से परेशान है तो वह अपनी शिकायत और बिल की प्रति उनके व्हाट्सएप नंबर 9415236852, 9235846389, 9336453549 पर भेज सकता है।