सरस्वती हाईटेक सिटी योजना 2016 में लागू की गई थी लेकिन अभी तक उसमें ऑक्सीजन प्लांट ही लग सका है। जमीन की अधिक कीमत तथा अन्य कारणों का हवाला देते हुए उद्यमी आगे नहीं आ रहे थे। ऐसे में पेप्सी का प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदों को बल मिला है।
नैनी स्थित सरस्वती हाईटेक सिटी में नए उद्योग लगाए जाने को लेकर गतिरोध अब दूर होता दिख रहा है। परिसर में पेप्सी का प्लांट लगने जा रहा है। इसके लिए वरुण बेवरेजेज की ओर से 25 एकड़ जमीन की मांग की गई है। सरस्वती हाईटेक सिटी योजना 2016 में लागू की गई थी लेकिन अभी तक उसमें ऑक्सीजन प्लांट ही लग सका है। जमीन की अधिक कीमत तथा अन्य कारणों का हवाला देते हुए उद्यमी आगे नहीं आ रहे थे। ऐसे में पेप्सी का प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदों को बल मिला है।
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करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से लगने वाले इस उद्योग से प्रत्यक्ष तौर पर तीन हजार लोगों को रोजगार मिलने की बात कही जा रही है। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि पिछले दिनों लखनऊ में हुई ग्राउंड ब्रेकिग सेरेमनी में वरुण बेवरेजेज की ओर से 20 अरब रुपये के निवेश की घोषणा की गई थी।
इसी क्रम में कंपनी की ओर से चित्रकूट में 496.57 करोड़ रुपये की लागत से प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए जमीन का आवंटन हो चुका है। अब कंपनी ने सरस्वती हाईटेक सिटी में भी फैक्ट्री लगाने की घोषणा की है। मंत्री ने कहा कि जमीन आवंटन की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी होने की उम्मीद है। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप सत्यार्थी का कहना है कि 25 एकड़ में पेप्सी का प्लांट लगाने का प्रस्ताव आया है। जमीन आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
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नए उद्योगों की बढ़ी उम्मीद
पेप्सी का प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद हाईटेक सिटी में अन्य नए उद्योग लगाए जाने की उम्मीदों को बल मिला है। अफसरों का कहना है कि एक बड़ा उद्योग लगने के बाद अन्य संस्थाओं का भी रुझान बढ़ता है। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि कई अन्य कंपनियाें से उद्योग लगाने की बात हुई है। जल्द ही सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है।