पूर्वी हवाओं के जोर से लगातार पहाड़ चढ़ रहा पारा ठिठका, लेकिन धूप के तेवर बरकरार हैं। शनिवार को शहर में अधिकतम तापमान 44.5 सेल्सियस दर्ज हुआ। हालांकि, मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पूर्वी हवाओं के प्रभाव से अगले दो-तीन दिन पारे में गिरावट जरूर देखने को मिलेगी, लेकिन गर्मी से राहत मानसून के आने पर ही मिलेगी।
माई माह के शुरुआती पखवारे में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा, जबकि आखिरी पखवारे में तापमान 48 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, शनिवार की शुरुआत पूर्वी हवाओं के साथ हुई। करीब 25-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बही। इनके चलते पारा 45 डिग्री के करीब जरूर ठिठक गया, लेकिन लोगों को तपिश से राहत महसूस नहीं हुई। वहीं न्यूनतम पारा 30 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जबकि नमी का न्यूनतम स्तर भी 30 फीसदी रहा। उमस का आलम ये रहा कि कूलर एवं पंखे काम नहीं करे रहे थे। इविवि के भूगोल विभाग के एचओडी प्रो.एसएस ओझा के मुताबिक तापमान में उतार-चढ़ाव अभी बना रहेगा। मानसून के आने के बाद ही अब गर्मी सेे निजात मिल सकेगी।
18 के बाद मानसून की उम्मीद
18 जून तक मानसून शहर पहुंच सकता है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि सामान्यता तीन जून तक मानसून के केरल में आने की आहट महसूस होती थी, लेकिन अभी तक केरल में इसकी सूचना नहीं मिली है। ऐसे में प्रयागराज में मानसून कुछ पिछड़ सकता है। प्रो.एसएस ओझा का कहना है कि मानसून भले कुछ विलंब से आए, लेकिन तगड़े मानसून की उम्मीद है।