सगी बहनों की मौत के मामले को लेकर अब सियासी दल भी पुलिस के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिए सोमवार को पिता अपने कुनबे के साथ अंबेडकर चौराहे पर परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठ गया। उनके समर्थन में कांग्रेस, एआईएमआईएम व भीम आर्मी के नेता पहुंचे। कमिश्नर को ज्ञापन देने पहुंचे जिलाधिकारी से कांग्रेसी नेताओं की तकरार और पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस की कार्रवाई पर लोगों ने सवाल उठाए। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर व सीओ सिटी को ज्ञापन सौंपा।
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ की रहने वाली शिवांगी व अंजलि की मौत के बाद परिवार पर दुुुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सोमवार को सुभाष अपने परिवार के साथ अंबेडकर चौराहा आ रहा था।
अष्टभुजानगर तिराहे पर सिविल लाइन पुलिस चौकी प्रभारी मिले। परिवार के लोगों से बातचीत करते हुए समझाने लगे। सुभाष ने कहा कि जैसे घर पर रहते हैं। वैसे कचहरी में बैठेंगे। यह कहते हुए सभी घर की ओर लौट गए लेकिन कुछ देर बाद दूसरे रास्ते से अंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर धरना देने लगे। जिससे पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए।
सगी बहनों की मौत के मामले में कांग्रेस नेता व भीम आर्मी सेना ने पुलिस प्रशासन के सामने तमाम सवाल उठाए। लोगों ने घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने साल उठाया कि आखिर कौन सी ऐसी वजह थी कि रात में शिवांगी व अंजलि के शव को अंतिम संस्कार किया गया।
पोस्टमार्टम के दौरान मजिस्ट्रेट की नियुक्ति किस वजह से नहीं की गई। निरंकारी समाज को मानने वाली बेटियों का शव दफनाने के बजाय जलवाना भी अपराध है। पोस्टमार्टम के दौरान सुभाष व उसके पिता चिंतामणि को पुलिस लाइन में किस वजह से रखा गया। सदर विधायक राजकुमार पाल ने रुपये का प्रलोभन देकर लाशों का अंतिम संस्कार कराने का दबाव क्यूं बनाया।
कचहरी स्थित एनआईसी में कमिश्नर को ज्ञापन देने जुलूस के साथ पहुंचे कांग्रेस के लोग।- फोटो : PRATAPGARH
कचहरी स्थित एनआईसी में कमिश्नर को ज्ञापन देने आये कांग्रेसियों को पुलिस द्वारा रोकने पर होती हा?- फोटो : PRATAPGARH
अम्बेडकर चौराहे पर अनशन पर बैठे मृत बेटियों के परिजनों के साथ आये कांग्रेसी।- फोटो : PRATAPGARH
अम्बेडकर चौराहे पर अनशन पर बैठे मृत दोनों बेटियों के परिजन।- फोटो : PRATAPGARH