2016 में हुई थी बिक्री की शुरुआत
डाक विभाग ने 2016 में गंगाजल की बिक्री की शुरुआत की थी। इसके लिए ढाई सौ मिलीलीटर की बोतलें बनवाई गई हैं। इन्हें लखनऊ में पैक करके यहां लाया जाता है। अधिकारियों के मुताबिक बीते पांच वर्षों में गंगाजल की 7000 से अधिक बोतलें बिक चुकी हैं।
शिवरात्रि के समय गंगाजल की जितनी बोतलें बिकती हैं, उतनी सालभर में भी नहीं बिकतीं। नवरात्र में भी अच्छी मांग की उम्मीद है, इसलिए स्टॉक बढ़ा लिया है। जहां तक गंगाजल के दाम बढ़ाने का सवाल है, इसे मंगाने में परिवहन खर्च काफी ज्यादा आता है। इस पर 18 प्रतिशत टैक्स (जीएसटी) भी लगता है। - राजेश श्रीवास्तव, सीनियर पोस्टमास्टर, प्रधान डाकघर
गाय के दूध से महंगा है गंगाजल...गजब है
गंगाजल की 250 मिलीलीटर बोतल 35 रुपये में मिलती है। यानी, एक लीटर गंगाजल 140 रुपये का। पांच रुपये प्रति बोतल तो बीती जनवरी से ही बढ़ाया गया है। इसे लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी भी है। उनका कहना है कि गंगाजल का भाव तो गाय के दूध से भी महंगा है। गोविंदपुर निवासी शुभी पांडेय कहती हैं कि एक बोतल पीने का पानी 15 रुपये में आ जाता है, जबकि 250 मिलीलीटर गंगाजल 35 रुपये का है। यह ठीक नहीं। नगर निगम यदि संगम क्षेत्र में ठीक से साफ-सफाई करा दे तो पूजा पाठ के लिए गंगा या संगम का जल यहीं से मिल सकता है।