उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इस पहल से पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी और आरक्षण कराने वाले स्टेशन के आसपास के स्टेशन खोजना आसान हो जाएगा। इसमें सेटेलाइट सिटी को रेलवे स्टेशनों से जोड़ा गया है। इसके पीछे की मुख्य वजह यह है कि अक्सर स्थानीय-लोकप्रिय नाम रेलवे स्टेशन के नामों से भिन्न होते हैं। इससे यात्रा की योजना बनाते समय यात्री भ्रमित रहता है। नई पहल से भ्रम की स्थिति खत्म होगी। इस सुविधा में उत्तर मध्य रेलवे के मथुरा, झांसी, कानपुर, प्रयागराज, ग्वालियर, मिर्जापुर, आगरा आदि लोकप्रिय शहरों के कई स्टेशनों को जोड़ा गया है।
यह मिलेगा यात्री को फायदा
पर्यटकों के लिए संबंधित स्टेशन के आसपास के दूसरे रेलवे स्टेशन को खोजना होगा और आसान होगा।
रेल यात्रा करने की योजना बनाने में मदद मिलेगी और पर्यटन की सुविधा के बारे में भी मिलेगी जानकारी।
पर्यटन महत्व के स्थानों को निकटतम स्टेशन से मैप किया गया है, इससे यात्रियों की पह आसान होगी।