बरेली। पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अहम निर्णय लिया गया है। 75 वर्ष से अधिक आयु के एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) सदस्यों को सैन्य अस्पताल की ओपीडी में प्राथमिकता पर सीधे विशेषज्ञ परामर्श मिलेगा।
आर्मी डायरेक्टर जनरल मेडिकल सर्विसेज की ओर से जारी निर्देश के तहत 75 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को सामान्य तौर पर आकस्मिक स्थिति में विशेषज्ञ परामर्श की जरूरत होती है। किन्हीं वजहों से ईसीएचएस पॉली क्लीनिक से रेफरल लेने में देरी से जोखिम की आशंका रहती है।
इसलिए पूर्व सैनिकों के हित में रेफरल की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब ओपीडी के निर्धारित दिनों में सीधे सैन्य अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श ले सकेंगे। संबंधित दिशानिर्देश से बढ़ती उम्र में बुजुर्ग पूर्व सैनिक, उनके आश्रितों को अनावश्यक औपचारिकताओं से नहीं गुजरना पड़ेगा।
जीएसओ-1 एमईडी (ईएसएम) लेफ्टिनेंट कर्नल हरप्रीत सिंह ने नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है। एक्स सर्विसमैन कोऑर्डिनेशन कमेटी, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन ने भी पूर्व में रक्षा मंत्रालय और सेना के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर बुजुर्ग पूर्व सैनिकों के लिए इस व्यवस्था को लागू करने की मांग की थी। संबंधित व्यवस्था लागू होने पर सराहा है।