prayagraj news : नैनी में भू माफिया और हिस्ट्रीशीटर पप्पू गंजिया का मकान पीडीए ने ध्वस्त कर दिया।
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कुछ वर्षों बाद गुलाब के बेटे विजय महरा की महेवा, नैनी में हत्या कर दी गई। बच्चा के बाद महरा परिवार की कमान उसके बड़े बेटे आनंद ने संभाली। लेकिन 2003 में नाव पर पार्टी के दौरान गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। दो अन्य लोग भी मारे गए थे। इस तिहरे हत्याकांड में भी पप्पू गंजिया का नाम आया। उसके बाद गंजिया एवं महरा परिवार में दुश्मनी और बढ़ गई। वर्ष 2006 में गंजिया एवं महरा परिवार के बीच एक बार और समझौता हुआ था। शाम को पप्पू गंजिया वापस गंजिया गांव लौट रहा था, इसी बीच गऊघाट मछली मंडी के समीप उस पर जानलेवा हमला हो गया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। उसमें महरा का नाम सामने आया। तब से लगातार दोनों परिवारों में वर्चस्व की जंग जारी है।
हनक के बूते तैयार की सियासत की जमीन
पप्पू ने अपराध की दुनिया में बदनाम होने के साथ ही ठेकेदारी व सियासत में भी पैर जमाए। नैनी के जहांगीराबाद वार्ड से तीन बार पार्षद रहे पप्पू गंजिया का चालक विरेंद्र भारतीया वर्तमान में उसी के समर्थन से पार्षद है। उसके अलावा उसका भाई जुनैद अहमद एवं करीबी मक्खन भी पार्षद हैं। समाजवादी पार्टी से जुड़े पप्पू गंजिया के कई अन्य राजनीतिक लोगों से गहरे संबंध हैं। गंगा प्रदूषण इकाई के ठेकेदारी के कारोबार पर भी उसका एकाधिकार है।