पहली बार नए पैटर्न पर आयोजित होने जा रही पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा चार दिन में ही पूरी हो जाएगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सोमवार को मुख्य परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया। परीक्षा 17 से 21 जून तक आयोजित की जाएगी।
मुख्य परीक्षा प्रयागराज और लखनऊ जिले में दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहले सत्र की परीक्षा सुबह 9.30 से 12.30 और दूसरे सत्र की परीक्षा अपराह्न दो से शाम पांच बजे तक आयोजित की जाएगी। इस बार दो की जगह केवल एक ऐच्छिक विषय है। वहीं, सामान्य अध्ययन के दो की जगह चार पेपर होंगे। ऐसे में पैटर्न बदलने के कारण परीक्षा महज चार दिनों में पूरी हो जाएगी। पिछली बार पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा के आयोजन में 18 दिन का वक्त लगा था। मुख्य परीक्षा 18 जून से छह जुलाई तक आयोजित की गई थी।
सीएस-2017 की मुख्य परीक्षा में पहला पेपर सामान्य अध्ययन का था लेकिन इस बार हिंदी एवं निबंध के पेपर से मुख्य परीक्षा की शुरुआत होगी। इसके बाद दो दिनों में सामान्य अध्ययन के चार पेपरों की परीक्षा होगी और आखिरी दिन ऐच्छिक विषय की परीक्षा होगी।
परीक्षा कार्यक्रम
17 जून - पहले सत्र में सामान्य हिंदी और दूसरे सत्र में निबंध का पेपर
18 जून - पहले सत्र में सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्न पत्र और दूसरे सत्र में सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र
19 जून - पहले सत्र में सामान्य अध्ययन तृतीय और दूसरे सत्र में सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्न पत्र
21 जून - पहले सत्र में ऐच्छिक विषय का प्रथम प्रश्न पत्र और दूसरे सत्र में ऐच्छिक विषय का द्वितीय प्रश्न पत्र
मुख्य परीक्षा में 19096 अभ्यर्थी होंगे शामिल
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 परिणाम 30 मार्च को जारी किया गया था। आयोग ने पीसीएस के 988 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा में 19096 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया था। सफल अभ्यर्थी 17 जून से शुरू होने जा रही पीसीएस मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे।
अनिवार्य विषय की परीक्षा 1100 अंकों की
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस मेंस अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक अनुदेश जारी किए हैं। पुरानी व्यवस्था के तहत इस बार भी मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों को अनुक्रमांक वहीं होगा, जो प्रारंभिक परीक्षा में था। नए पैटर्न में अनिवार्य विषयों के लिए अधिकतम 1100 अंक निर्धारित होंगे।
सामान्य हिंदी एवं निबंध की परीक्षा के लिए अधिकतक 150-150 अंक, सामान्य अध्ययन प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ प्रश्न पत्र के लिए अधिकतक 200-200 अंक निर्धारित होंगे। इस तरह सामान्य अध्ययन के चार प्रश्न पत्र कुल 800 अंकों और सामान्य हिंदी एवं निबंध के प्रश्नपत्र कुल 300 अंकों के होंगे। नए पैटर्न के तहत कुल 34 वैकल्पिक विषय होंगे। अभ्यर्थियों को इनमें से कोई एक ऐच्छिक विषय चुनना होगा। वैकल्पिक विषय के प्रश्नपत्रों के लिए अधिकतम 200 अंक निर्धारित हैं। आयोग ने अनुदेश में प्रत्येक वैकल्पिक विषय का कोड भी जारी किया है। इसके साथ ही मुख्य परीक्षा के आवेदन फॉर्म कैसे भरे जाएंगे, इस बाबत भी अनुदेश में जानकारी दी गई है।