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पौष पूर्णिमा : लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी, यम नियम के साथ कल्पवास भी शुरू

Thu, 25 Jan 2024 11:17 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कड़कड़ाती ठंड के बीच बृहस्पतिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने पौष पूर्णिमा पर संगम में डुबकी लगाई। एक दिन पहले से ही श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच गए थे। मेले में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया है। पौष पूर्णिमा स्नान के साथ ही कल्पवास का भी विधिवत श्रीगणेश हो गया। सुबह दस बजे साढ़े पांच लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे। शाम तक यह संख्या करीब 10 लाख के करीब पहुंच गई।
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पौष पूर्णिमा पर भोर में संगम तट पर स्नान के लिए जुटे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

पौष पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में भोर से ही श्रद्धालुओं ने डुबकी लगानी शुरू कर दी। इसी के साथ ही यम, नियम के साथ कल्पवासियों ने एक माह तक चलने वाले अपने कल्पवास का भी शुभारंभ कर दिया। मेला प्रशासन ने दावा किया है कि प्रात: 10 बजे तक साढ़े पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। शाम तक संख्या करीब 10 लाख तक पहुंच गई।




 







बुधवार की शाम से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। भोर में पूरा माघ मेला इलाका जीटी जवाहर से संगम तट तक खचाखच भीड़ भर गई थी। सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया है। 

 

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घने कोहरे के बीच संगम तट पर स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

कड़कड़ाती ठंड में पहुंचे कल्पवासी

पौष पूर्णिमा पर जप, तप, ध्यान के साथ माह भर के कल्पवास के संकल्प के साथ माघ मेला क्षेत्र में काफी संख्या में कल्पवासी पहुंचे। कड़कड़ाती ठंड में देर रात तक मेला क्षेत्र में उनके आने का क्रम बना ही रहा। कल्पवासियों के आने से मेला क्षेत्र में रौनक बढ़ गई। बृहस्पतिवार को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ कल्पवास शुरू हो गया। इसका समापन माह भर बाद माघी पूर्णिमा स्नानपर्व के साथ होगा। हालांकि मेला क्षेत्र में जिस स्थान पर कल्पवासियों को बसाया गया है, वहां अभी काफी अव्यवस्थाएं भी हैं।

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घने कोहरे के बीच संगम तट पर स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

हालांकि मकर संक्रांति के पहले ही संगम तीरे तंबुओं का शहर न सिर्फ सज चुका था बल्कि स्नानपर्व पर डुबकी लगाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे स्नानार्थियों ने डेरा जमाकर कल्पवास भी आरंभ कर दिया था, लेकिन पूर्णिमा से पूर्णिमा की मान्यता वाले हजारों कल्पवासी बृहस्पतिवार को पौष पूर्णिमा पर डुबकी के बाद कल्पवास आरंभ करेंगे।

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पौष पूर्णिमा पर घने कोहरे के बीच संगम तट पर पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

जप-तप, नियम-संयम के साथ प्रभु की भक्ति में डूब जाने के लिए बुधवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु-कल्पवासी संगम की रेती पर पहुंचे। अब पौष पूर्णिमा पर डुबकी के बाद अगले एक माह सांसारिक मोहमाया से दूर रहकर भगवान की भक्ति में लीन होंगे।

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पौष पूर्णिमा पर भोर में संगम तट पर स्नान के लिए जुटे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
पौष पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
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