पिछले पांच महीने से एसआरएन अस्पताल में महाकुंभ परियोजना के तहत काम चल रहा है। ताकि, मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को एसआरएन अस्पताल में इलाज की सुविधा निशुल्क प्राप्त हो सके। इलाज के अलावा यहां हर तरह की जांचें, ओपीडी, सर्जरी और दवाएं मुफ्त होंगी।
महाकुंभ के दौरान अगर कोई श्रद्धालु गंभीर रूप से बीमार पड़ता है और रेफर करने की नौबत आती है तो स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में उसका मुफ्त इलाज होगा। जांच भी मुफ्त होगी। उसे बस अस्पताल से रेफर होने वाले कागजात दिखाने होंगे। इसके लिए शासन ने 3.65 करोड़ का बजट अतिरिक्त बजट जारी किया है। मेले के दौरान एसआरएन ही एक मात्र क्रिटिकल केयर यूनिट है।
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पिछले पांच महीने से एसआरएन अस्पताल में महाकुंभ परियोजना के तहत काम चल रहा है। ताकि, मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को एसआरएन अस्पताल में इलाज की सुविधा निशुल्क प्राप्त हो सके। इलाज के अलावा यहां हर तरह की जांचें, ओपीडी, सर्जरी और दवाएं मुफ्त होंगी।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रस्ताव पर शासन ने अपनी मुहर लगा दी है। इसके लिए शासन ने 3.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया है। एसआरएन परिसर में स्थित पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में एक वार्ड को श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर 50 बेड अलग से आरक्षित होंगे।
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मेला क्षेत्र के परेड मैदान में 100 बेड का केंद्रीय अस्पताल बनाया जा रहा है। जहां पर 10 बेड आईसीयू की सुविधा वाले रहेंगे। अरैल व झूंसी में 20-20 बेड के सब हॉस्पिटल में भी 10-10 बेड आईसीयू के होंगे।
एमएलएन मेडिकल कॉलेज की तरफ श्रद्धालुओं को निशुल्क स्वास्थ्य लाभ देने के लिए अलग से बजट का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसे शासन से मंजूरी मिल गई। एसआरएन अस्पताल में मेले से रेफर मरीजों का निशुल्क इलाज होगा। - डॉ. वत्सला मिश्रा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।