गाजीपुर निवासी रेयाज अंसारी ने एमडीएम में अनियमितता का आरोप लगा एक मदरसे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, मदरसा के प्रबंधक ने भी इन पर थाना कासिमाबाद में 29 अक्तूबर 2024 को जबरन वसूली, धमकी देने व अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जबरन वसूली और धमकी मामले में गाजीपुर की कासिमाबाद नगर पंचायत के चेयरमैन की गिरफ्तार पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति सुभाष चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने रेयाज अहमद अंसारी और अन्य की याचिका पर दिया।
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गाजीपुर निवासी रेयाज अंसारी ने एमडीएम में अनियमितता का आरोप लगा एक मदरसे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, मदरसा के प्रबंधक ने भी इन पर थाना कासिमाबाद में 29 अक्तूबर 2024 को जबरन वसूली, धमकी देने व अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपियों ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याची के वकील गिरिधर प्रसाद त्रिपाठी ने दलील दी कि याचियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। गिरफ्तारी पर रोक लगाने की प्रार्थना की।
न्यायालय ने कहा कि यह मामला एक मदरसे के प्रबंधन के संबंध में पक्षों के बीच विवाद प्रतीत होता है। ऐसे में न्यायालय ने पुलिस रिपोर्ट के संज्ञान लिए जाने तक व जांच में सहयोग की शर्त पर गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।