इस जटिल सर्जरी में डॉ. संतोष सिंह, डॉ. अत्रेय साहा, डॉ. सर्वेश मिश्रा, डॉ. हर्ष और डॉ. दीपक शामिल रहे। ऑपरेशन के बाद मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए एनेस्थीसिया की विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम सिंह की देखरेख में आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया। दो दिन बाद मरीज की हालत में सुधार होने लगा। पांच दिनों बाद मरीज की स्थित में काफी सुधार हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जन डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि सर्जरी की इस प्रक्रिया को मेडिकल टर्म में एक्सप्लोरेटरी लैपराटमी प्लस रिसेक्शन और अनास्टोमोसिस कहते हैं।
मरीज को एसआरएन अस्पताल में गंभीर हालत में रेफर किया गया था। यह सर्जरी की एक जटिल प्रक्रिया थी, जिसमें मरीज की जिंदगी दांव पर होती है। मगर यह सर्जरी पूरी तरह से सफल रही, जिसके बाद अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। - डॉ. संतोष सिंह, ट्रामा सर्जन, एसआरएन