आर्थिक निर्भरता, आय का होगा सत्यापन
यह सुविधा स्वतः सभी को नहीं मिलेगी। इसके लिए संबंधित बेटी की वैवाहिक स्थिति, आर्थिक निर्भरता, आय व अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों का सत्यापन किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि बेटी का नाम पूर्व में परिवार के सदस्य के रूप में किसी सरकारी दस्तावेज में दर्ज है या नहीं। यानी केवल तलाकशुदा या विधवा होना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्धारित नियमों को पूरा करना भी अनिवार्य रहेगा।
अन्य नियम रहेंगे लागू
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सीजीएचएस के अन्य सभी नियम एवं शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगे। आदेश की एक प्रति सीजीएचएस की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी गई है। सरकार के इस निर्णय को उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है, जहां बुजुर्ग माता-पिता अपनी विधवा या तलाकशुदा बेटियों की आर्थिक और चिकित्सकीय जिम्मेदारी उठा रहे हैं।