पीएम मोदी की नो प्लास्टिक मुहिम को लेकर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) अब उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर एक नई पहल करने जा रहा है। इलाहाबाद जंक्शन, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर सेंट्रल आदि रेलवे स्टेशनों पर आईआरसीटीसी गन्ने की खोई से बनी थाली में यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराएगा। इसकी तैयारी आईआरसीटीसी ने शुरू कर दी है। अभी दिल्ली जंक्शन पर बने बेस किचन में ही यह सुविधा उपलब्ध है।
दरअसल, अभी हाल ही में रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक की थाली पर दिए जाने वाले भोजन पर प्रतिबंध लगाया गया है। नो प्लास्टिक मुहिम के तहत आईआरसीसीटी से प्रमुख स्टेशनों की बेस किचन में गन्ने की खोई से बनी थाली का प्रयोग शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस थाली की खास बात यह है कि इसमें परोसे जाने वाला खाना काफी देर तक गर्म रहेगा। अभी इसका प्रयोग दिल्ली स्टेशन पर ही चल रहा है। अब इलाहाबाद जंक्शन, गोरखपुर, कानपुर आदि स्टेशनों पर भी होगा। जंक्शन स्थित आरके फूड में ही आईआरसीटीसी की ओर से मुंबई दुरंतो के यात्रियों का भोजन बनाया जाता है। अब यही भोजन इको फ्रेंडली थाली में पैक होगा। देश में चल रही कुछ राजधानी एक्सप्रेस में इको फ्रेंडली प्लेट की व्यवस्था पूर्व में की जा चुकी है।
खाने की पैकिंग पर रहेगा बार कोड
आईआरसीटीसी द्वारा ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने की थाली में बार कोड का भी प्रयोग करने जा रहा है। इसके माध्यम से यात्री अपने स्मार्ट फोन से बारकोड स्कैन कर यह जान सकेंगे कि संबंधित खाना आईआरसीटीसी की किस बेस किचन में बना है।
आईआरसीटीसी, क्षेत्रीय प्रबंधक, अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने के बाद आईआरसीटीसी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए गन्ने की खोई से बनी थाली में प्रयोग के तौर पर खाने की पैकिंग शुरू करने की तैयारी की है। इलाहाबाद जंक्शन समेत सभी प्रमुख स्टेशनों की बेस किचन में इसे शुरू किया जाएगा।