देशव्यापी लॉक डाउन पार्ट -2 शुरू हो चुका है। इस बीच तीन मई तक सभी यात्री ट्रेन का संचालन बंद है। फिर भी रेलवे ने तीन मई के बाद ट्रेनों के संभावित संचालन को देखते हुए अपनी तैयारियां एक बार फिर से शुरू कर दी हैं। रेलवे की तैयारी है कि लॉक डाउन खुलने के बाद रेलवे स्टेशनों पर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए यात्रियों को ट्रेन रवानगी के दो-तीन घंटे पहले ही बुलाया जाए। ताकी ट्रेन में चढ़ने के पूर्व ही यात्री की थर्मल स्कैनिंग आदि कर ली जाए । इस संबंध में रेलवे द्वारा लॉक डाउन खुलने तक सभी प्रमुख स्टेशनों पर मॉक ड्रिल भी किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने तीन मई तक सभी यात्री ट्रेन का संचालन बंद करने का दो दिन पहले ऐलान किया है। अफसरों ने इस बीच सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों लॉक डाउन खुलने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मॉक ड्रिल कराने की तैयारी की है। अगले कुछ रोज में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज, कानपुर, झांसी आदि रेलवे स्टेशनों पर मॉक ड्रिल कराया जा सकता है। इस दौरान आरपीएफ और जीआरपी की मदद से रेलवे स्टेशनों पर सोशल डिस्टेंसिंग और हर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग लेने वाली कवायद होगी।
मॉक ड्रिल में स्टेशन पर तैनात कर्मचारी यात्री बनकर पहुंचेंगे और सुरक्षाकर्मी उनकी स्क्रीनिंग करेंगे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उनका सामान भी स्कैन किया जाएगा। हर एक यात्री की जांच में वक्त लग सकता है, इस वजह से आने वाले दिनों में रेलवे की ओर से लॉक डाउन खत्म होने के बाद जब भी रेल संचालन शुरू होगा तो रेलवे द्वारा यात्रियों को बताया जाएगा कि वह ट्रेन रवानगी के 2 से 3 घंटे पहले ही संबंधित रेलवे स्टेशन पहुंच जाएं।
उधर लॉक डाउन अवधि में रेलवे द्वारा सैनिटाइजर टनल ज्यादा से ज्यादा स्टेशनों पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। ताकि जब ट्रेन संचालन शुरू हो तो यात्रियों को सैनिटाइजर टनल के माध्यम से ही रेलवे स्टेशन परिसर में प्रवेश दिया जाए। शादी यात्रियों के लिए मास्क भी अनिवार्य रहेगा।
रेलवे बोर्ड की ओर से सुरक्षा के जो भी मानक अपनाए जाएंगे, उसका प्रयागराज मंडल में भी पूरा पालन किया जाएगा। फिलहाल अभी यात्री ट्रेन के संचालन को लेकर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। - अमिताभ, डीआरएम प्रयागराज।