बोले श्रद्धालु : हो रही परेशानी
जौनपुर से आएं श्रद्धालु संतोष त्रिपाठी ने बताया कि प्रशासन को शटल बस चलवाना चाहिए। बसें नहीं मिल रही हैं। श्रद्धालु परेशान होकर पसीने से तर बितर होकर पैदल ही आ रहे है। गोंडा से आएं अवधेश सिंह कहते है कि पार्किंग कहां है इसकी जानकारी के अभाव में गाड़ी लेकर शहर में आ गए। किसी ने रास्ते में नहीं रोका तक नहीं। बलरामपुर से आएं सुरेश सिंह ने बताया कि पार्किंग में गाड़ी तो उन्होंने खड़ी कर दिया , लेकिन शटल बस नहीं मिली। कई घंटे इंतजार के बाद ई रिक्शा से वह मेले में आएं। वाराणसी की पूजा पटेल ने कहा कि पैदल चलने की सड़क पर जगह नहीं हैं, उसी में हूटर बजाते गाड़ियां दौड़ रही हैं। जिससे कई लोग चोटिल भी हो रहे हैं। प्रशासन को भीड़ बढ़ने पर गाड़ियां बंद करानी चाहिए।
बाइक और ठेला वाले कर रहे मनमानी वसूली
शहर से लेकर मेले तक दो हजार से अधिक बाइकर्स और 200 से अधिक ठेला चालक श्रद्धालुओं का सहारा तो बने हैं, लेकिन उनसे मनमानी वसूली कर रहे है। एक बार मेले में घुसने के बाद दिन भर मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ में ही घूम रहे है। मेला प्रशासन एवं पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। मजबूरी में श्रद्धालु ठगे जा रहे हैं। शटल बसे चलती तो श्रद्धालुओं को सुविधा होती। दावा तो सैकड़ों बस चलाने का प्रशासन कर रहा हैं, लेकिन 100 बसें भी संचालित नहीं हो रहीं हैं।
पार्किंग की स्थिति
जौनपुर रूट - सात पार्किंग
वाराणसी रूट - सात
मिर्जापुर रूट - 14 पार्किंग
रीवा- चित्रकुट रोड - 16 पार्किंग
कानपुर रोड - 14 पार्किंग
महात्मा गांधी मार्ग - दस पार्किंग
लखनऊ रोड - दो पार्किंग
प्रतापगढ़ रूट - छह पार्किंग
छह लेन ब्रिज - बीस पार्किंग
प्रतापगढ़ - अयोध्या - आठ पार्किंग