प्रयागराज। जंक्शन जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में बुधवार रात जो कुछ हुआ, उसने यात्रियों में दहशत फैला दी। साथ ही रेलवे व अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। वारदात से पहले हमलावर खुलेआम लोहे की राॅड लेकर प्लेटफार्म संख्या 7/8 तक पहुंचा लेकिन किसी सुरक्षाकर्मी की नजर उस पर नहीं पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही रेलकर्मी पर हमला हुआ लोग चीखते हुए प्लेटफार्म से बाहर की ओर भागने लगे। अफरातफरी में कई लोग अपना सामान छोड़कर भागे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावर ने एक वेंडर को भी राॅड लेकर खदेड़ा लेकिन वह समय रहते भाग निकला।
प्रारंभिक जांच-पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी मानसिक विक्षिप्त युवक आउटर की दिशा से प्लेटफॉर्म पर दाखिल हुआ। उसके हाथ में लोहे की रॉड थी, जिसे देखकर सामान्य स्थिति में ही अलर्ट हो जाना चाहिए था। 24 घंटे सक्रिय रहने वाले सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम के मॉनिटरिंग रूम से भी संदिग्ध की गतिविधि को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ। हाई रिजोल्यूशन कैमरे लगे होने के बावजूद संदिग्ध की पहचान या मूवमेंट समय रहते क्यों नहीं ट्रेस की जा सकी।
तीन महीने में तीसरी घटना
. 16 जून को भी एक मानसिक विक्षिप्त युवक ने प्लेटफार्म संख्या 7/8 पर जमकर हंगामा किया था। अफसरों और कर्मचारियों को घंटों परेशान करता रहा और फिर ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) तारों पर चढ़ गया। घंटों मशक्कत कर उसे नीचे उतारा गया था।
. नौ अप्रैल को भी हुई घटना में मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक ने सिविल लाइंस साइड में स्थित सुलभ कॉम्पलेक्स में तैनात सफाईकर्मी मंजीत व एक दिव्यांग महिला शिवानी को जख्मी कर दिया था। इस मामले में आरोपी पकड़ा भी गया लेकिन वह रास्ते से ही भाग निकला। आशंका जताई जा रही है बुधवार को भी घटना अंजाम देने वाला वही युवक है।