इलाहाबाद। कांग्रेसियों का मानना है कि पंचायतें स्वशासन की इकाई बनने की जगह प्रदेश सरकार की इकाई बनकर रह गईं हैं। ऐसा क्यों हुआ और कैसे सुधार होगा, इस पर मंथन के लिए रविवार को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की ओर से सोरांव में पंचायती राज जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कांग्रेसियों ने कहा कि महात्मा गांधी पंचायती स्वराज अवधारणा के जनक थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी इसी अवधारणा पर चले लेकिन राज्य सरकारों ने इस पर काम नहीं किया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि पंचायतों को स्वराज मिले, इसके लिए राजीव गांधी ने कानून तो बनवा दिया लेकिन राज्य सरकारों ने इसे लागू नहीं किया। पंचायतें राज्य सरकारों की इकाई बनकर रह गईं। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन पंचायतों को अधिकार दिलाने के लिए लड़ रहा है और हम हर स्तर पर उसके सहयोग के लिए खड़े हैं। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष मिनाक्षी नटराजन के प्रतिनिधि के रूप में आए राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जनक कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश सरकार अगर पंचायती राज एक्ट में दिए गए पूरे अधिकार पंचायतों को स्थानांतरित कर दे तो गांवों का विकास होने में देर नहीं लगेगी। कार्यक्रम का आयोजन प्यारे लाल पासी एवं संचालन हरदेव सिंह ने किया।