prayagraj news : रेखा सिंह।
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ढाई दशक के बाद पहली बार जिला पंचायत में केशरी देवी या उनके परिवार को कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ रहा। इस बीच भाजपा द्वारा जारी की गई सूची में जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह के पति अशोक सिंह को टिकट न देना चर्चा का विषय बन गया। अशोक सिंह ने मांडा द्वितीय से इस बार दावेदारी की थी, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने उक्त सीट से सविता त्रिपाठी को उम्मीदवार बना दिया। टिकट न मिलने के बाद अशोक ने कहा कि पार्टी ने जो निर्णय लिया वह उन्हें स्वीकार है। वहीं केशरी देवी पटेल ने कहा कि वह पार्टी के सभी उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगी।
पार्टी ने तमाम नए चेहरों को उतारा मैदान में
भाजपा द्वारा जारी की गई सूची में इस बार तमाम नए चेहरों को मौका दिया गया है। हंडिया चतुर्थ से डा. देवराज सिंह के पुत्र डा. वीके सिंह को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा करछना तृतीय से पार्टी ने प्रदेश कार्य समिति सदस्य रहे सुबोध सिंह पर भरोसा जताया है। मांडा प्रथम से अजीतेश जायसवाल को टिकट दी गई है। इसी तरह गंगापार एवं यमुनापार में भी कई नए चेहरे इस बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ेंगे। इसमें से कुछ सांसद डा. रीता बहुगुणा, सांसद केशरी देवी पटेल और विधायक नीलम करवरिया के करीबी भी बताए जा रहे हैं।
महिलाओं के लिए 30 सीट आरक्षित, भाजपा ने 37 को दिया टिकट
जिला पंचायत के 84 में से 30 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। हालांकि भाजपा ने जिला पंचायत सदस्य के लिए 37 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है। पार्टी ने 44 फीसदी सीट पर महिलाओं को टिकट देकर एक संदेश देने का काम किया है कि पार्टी आधी आबादी को उनका हक देने का काम कर रही है।
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