पंचायत चुनाव की तारीख की घोषणा अभी भले ही न हो लेकिन इस प्रयागराज के ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। इस वजह से पंचायत चुनाव की प्रचार सामग्री भी थोड़ी अलग है।
प्रचार सामग्री में इस बार मास्क की डिमांड काफी अधिक देखी जा रही है। तमाम प्रधान पद के दावेदारों ने इस बार अपनी राजनीति में कोरोना प्रोटोकॉल को भी जोड़ दिया है। दावेदारों ने ऐसे मास्क का आर्डर दिया है, जिसमें उनका नाम लिखा हुआ हो।
पिछले वर्ष बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी अनूठा प्रचार देखने को मिला था। झंड़े-बैनर, पम्पलेट और स्टीकर इस चुनाव में कम दिखे। सियासी पार्टियों और उम्मीदवारों ने फेस मास्क पर फोटो छपवाकर प्रचार का अनोखा तरीका निकाला।
अब इसी तर्ज पर प्रयागराज में भी पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों ने चुनावी प्रचार सामग्री बेचने वालों से फेस मास्क आदि की डिमांड की है। प्रयागराज में चुनाव प्रचार सामग्री के थोक विक्रेता मो. कादिर ने बताया कि बिहार चुनाव के दौरान जिस तरह के मास्क का प्रयोग वहां प्रचार के लिए प्रत्याशियों ने किया था, उसके सैंपल यहां मंगवा लिए गए हैं।
संभवत: मार्च से अप्रैल के बीच चुनाव हो सकता है। शायद इसी वजह से आधा दर्जन से अधिक प्रत्याशियों ने मास्क पर अपने प्रधान पद की प्रचार सामग्री छापने के लिए ऑर्डर दे दिया है। किसी ने दो हजार तो किसी ने पांच हजार मास्क की छपाई का आर्डर दिया है। यमुनापार के मांडा क्षेत्र के एक गांव से प्रधान पद के दावेदार पुष्पेंद्र पटेल ने बताया कि उन्होंने चार हजार मास्क का आर्डर दिया है।
फूलपुर के एक अन्य गांव के प्रधान पद के भावी प्रत्याशी भूपेंद्र पांडेय ने बताया कि उन्होंने अपने नाम लिखे पांच हजार मास्क छापने का आर्डर दिया है। उधर मालवीय नगर में बुटीक चलाने वाले गोपाल जी मालवीय ने बताया कि उन्हें प्रत्याशी के नाम लिखे एक हजार मास्क बनाने का आर्डर मिला है। वह इसके लिए खादी कपड़े का प्रयोग करेंगे।