राष्ट्रीय आजीविका मिशन से मिली प्रेरणा के बाद फूलपुर के कादीपुर गांव की सैकड़ों महिलाएं गांव में ही व्यवसाय शुरू कर अपने पैर पर खड़ी हो गईं हैं । अब वे प्रतिमाह हजारों रुपए कमा रही हैं।
फूलपुर तहसील क्षेत्र के बहरिया विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत कादीपुर की रहने वाली पल्लवी परमार मुंबई में रहकर बैंक में प्राइवेट नौकरी कर रही थीं । वर्ष 2016 में गांव आकर सरकार द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से प्रेरणा लेते हुए गांव में सरस्वती स्वयं सहायता समूह स्थापित किया और अपने बलबूते मायक्रम हैंड क्राफ्ट हैंड क्राफ्ट मोमबत्ती निर्माण का कार्य गांव की कुछ महिलाओं की मदद से शुरू किया और 2019 में वाराणसी में पंडित दीनदयाल संकुल प्रदर्शनी में अपना प्रोडक्ट की प्रदर्शनी लगाई।
इस दौरान उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई तो प्रदेश सरकार की ओर से उनके समूह को ₹200000 का अनुदान मिला। जिससे हुए स्लीपर मेकिंग मशीन गांव में ही स्थापित कर दी। रॉ मैटेरियल मंगाकर उन्होंने हवाई चप्पल बनाने का कार्य शुरू किया और धीरे-धीरे यह व्यवसाय बढ़ा तो गांव की करीब 200 महिलाओं को रोजगार मिल गया। बड़े पैमाने पर इसकी बिक्री का कार्य भी फुटकर व ऑनलाइन के जरिए शुरू कर दिया। नतीजा यह रहा कि उनके समूह द्वारा कादीपुर गांव में तैयार किया गया हवाई चप्पल, माइक्रम हैंड क्राफ्ट,जूट हैंड क्राफ्ट, मोमबत्ती की मांग बड़े पैमाने पर होने लगी।
पल्लवी परमार ने बताया कि अब तो उनके इस व्यवसाय से जुड़ी गांव की तकरीबन 200 महिलाओं को प्रतिमाह 6000 से ₹9000 तक का मुनाफा हो रहा है। जिन्हें गांव में ही रोजगार मिल गया है। पल्लवी परमार बताती हैं कि उन्हें इस बात की खुशी है। कि उन्होंने शुरुआती दौर में मेहनत कर गांव की महिलाओं को जागरूक किया और आज सैकड़ों की संख्या में महिलाएं चूल्हा चौका के साथ ही प्रतिमा हजारों रुपए कमाकर परिवार चलाने में पुरुषों की मदद कर रहे हैं।