3740 हेक्टेयर में होगी जैविक खेती
प्रयागराज। जैविक खेती का दायरा बढ़ाने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में 3740 हेक्टेयर में इस विधि से खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसमें रसायनों का उपयोग बिल्कुल नहीं होगा। 160 हेक्टेयर में इसकी शुरुआत हो चुकी है। शेष रकबे में दो वर्ष के भीतर जैविक विधि से खेती की योजना बनाई गई है।
जैविक खेती की शुरुआत गंगा के किनारे के गांवों से हुई। अब इसका दायरा अन्य क्षेत्रों में भी होने लगा है। इसके तहत 20-20 हेक्टेयर के क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। फिलहाल 187 क्लस्टर में जैविक विधि से खेती का लक्ष्य रखा गया है। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार ने बताया कि 80 क्लस्टर में खेती हो रही है। अन्य के लिए किसानों का चयन किया जा रहा है।
मिलेगा 100 फीसदी अनुदान
जैविक विधि से खेती पर 100 फीसदी अनुदान का प्रावधान है। खाद, बीज मुफ्त दिए जाएंगे। हरी खाद, जीवा मृत आदि के लिए भी अनुदान दिया जाएगा। जैविक विधि से खेती पर शुरू के एक-दो वर्ष में कम उत्पादन मिलता है। किसानाें को इससे होने वाले नुकसान की भी भरपाई की जाएगी।
बजट ही अटका तो कैसे होगी जैविक खेती
सरकार का जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर है। इसके लिए 100 फीसदी अनुदान की भी व्यवस्था की गई है लेकिन बजट के अभाव में इसका विस्तार रुक गया है। कृषि विभाग के अफसरों के अनुसार 80 क्लस्टर में जैविक विधि से खेती हो रही है लेकिन लंबे समय से बजट नहीं आया। इसकी वजह से रकबा बढ़ नहीं पा रहा।
आज प्रधानमंत्री करेंगे संबोधन, होगा सीधा प्रसारण
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को योजनाओं की घोषणा करेंगे। दिन में 11 से एक बजे के बीच आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान वह किसानों को संबोधित भी करेंगे। कार्यक्रम का यहां भी सजीव प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए हर ब्लॉक में व्यवस्था की जा रही है।