सूत्रों का कहना है कि आदेश के बाद होमगार्ड को नवाबगंज थाने से हटा तो दिया गया, लेकिन पवन कुमार का 25 फरवरी 2024 को तबादला होते ही गोटियां सेट होने लगीं। हटाए जाने के 10 महीने बाद ही एक सितंबर 2024 को उसे फिर नवाबगंज थाने में तैनाती दे दी गई। अभी तक वह यहीं तैनात है।
सवाल यह है कि एडिशनल पुलिस कमिश्नर के इतने सख्त आदेश के बावजूद किसकी मांग पर उसे पुलिस में तैनाती दे दी गई। क्या एक होमगार्ड के बूते ही थाने की पूरी व्यवस्था चल रही है, जो उसकी तैनाती अपरिहार्य हो गई है? सवाल कई हैं, लेकिन जवाब पर अफसर मौन।
होमगार्ड कमांडेंट बोले, प्रकरण संज्ञान में नहीं
होमगार्ड के जिला कमांडेंट रंजीत सिंह कहते हैं कि यह आदेश 2023 का है और मेरे संज्ञान में नहीं है। 10 महीने बाद तैनाती 2024 में हुई है तो संभवत: निलंबन के पश्चात बहाली पर ऐसा हुआ होगा।
प्रकरण की जानकारी नहीं है। इसका पता लगाएंगे कि आदेश के बावजूद होमगार्ड की दोबारा तैनाती कैसे हुई? गलत तरीके से तैनाती मिली तो नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। - एन कोलांची, अपर पुलिस आयुक्त, प्रयागराज