प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा के मार्ट प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड को रिशेड्ल्यूलमेंट पॉलिस का लाभ देने पर विचार कर निर्णय लेने का जीएडी के सीईओ को आदेश दिया है। इस दौरान जीडीए द्वारा जारी वसूली नोटिस के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि सीईओ नियमानुसार उचित आदेश चार सप्ताह में पारित करें। मार्ट प्रमोटर्स की याचिका पर न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय और न्यायमूर्ति शमीम अहमद की पीठ ने सुनवाई की।
याची बिल्डर का कहना है कि उसे जीडीए ने 11777.22 वर्ग मीटर जमीन जीडीए ने एलाट की थी। याची ने एलाटमेंट शुल्क के साथ पहली किस्त जमा कर दी थी लेकिन बाकी किश्तें नहीं जमा कर पाया। किश्त नहीं जमा करने पर 15 प्रतिशत विलंब शुल्क लगाने का प्रावधान है। इस दौरान अथॉरिटी ने किश्तों के रिशेड्ल्यूलमेंट की योजना लागू की। याची ने इसके लिए आवेदन किया मगर उसके प्रत्यावेदन पर कोई निर्णय लिया बिना उसे वसूली नोटिस जारी कर दिया गया। कोर्ट कहा कि यदि अथॉरिटी की रिशेड्ल्यूलमेंट की योजना अभी लागू है तो याची के प्रत्यावेदन पर विचार कर निर्णय लिया जाए।