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Prayagraj News: सामूहिक हत्याकांड के आरोपियों का नारको टेस्ट कराने का आदेश

Thu, 24 Sep 2020 06:33 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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दो वर्ष पूर्व सोरांव के दिगहिया गांव में हुई एक ही परिवार के चार लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों का नारको एनालिसिस टेस्ट कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि दो माह के भीतर आरोपियों का टेस्ट कराकर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए। आरोपी रवि पासी और अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपना नारको टेस्ट कराने की मांग की गई है। याचिका पर न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र प्रथम ने सुनवाई की।
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याचीगण का पक्ष रख रहे अधिवक्ता संगम लाल केसरवानी का कहना था कि अभियुक्तों ने खुद का नारको टेस्ट कराने की अर्जी जेल में रहते हुए दी थी, जिस पर नौ जनवरी 2019 को सीजेएम ने और फिर नौ अगस्त 2019 तथा पांच फरवरी 2020 को सेशन कोर्ट ने अभियुक्तों का नारको टेस्ट कराने का पुलिस को आदेश दिया था, मगर विवेचक जानबूझ कर टालते आ रहे हैं। बिना टेस्ट कराए उन्होंने अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। मुकदमे का ट्रायल चल रहा है। याचीगण का कहना है कि वह निर्दोष हैं, उनको झूठा फंसाया गया है।

इससे पूर्व हाईकोर्ट ने नारको टेस्ट कराने में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अभियुक्तगणों का टेस्ट कराने का आदेश दिया था तथा प्रमुख सचिव गृह को निर्देश दिया था वह स्वयं मामले का संज्ञान लेकर टेस्ट कराने की कार्यवाही करें। कोर्ट ने एडीजी प्रयागराज को इस मामले में तलब भी किया था।
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एडीजी प्रेमप्रकाश ने अदालत में उपस्थित होकर बताया कि उन्होंने स्वयं गांधी नगर गुजरात स्थित फोरेंसिक लैब के निदेशक से बात की है। उन्होंने कोविड 19 और दूसरी व्यस्तताओं के कारण टेस्ट के लिए अक्तूबर से पहले की डेट देने से मना किया था। लेकिन, कोर्ट के आदेश की जानकारी देने के बाद वह 21 सितंबर और 30 सितंबर को राहुल पासी और आलोक पासी उर्फ लोकई का नारको टेस्ट का एक स्लॉट कराने पर सहमत हुए हैं।

डॉक्टरों की कमी के कारण अभियुक्तों का टेस्ट तीन स्लॉट में होगा। तीसरे अभियुक्त सुनील उर्फ बाबा पासी के टेस्ट की अभी डेट नहीं दी गई है। शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि एडीजी स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और जल्दी से जल्दी अभियुक्तों का नारको टेस्ट कराकर रिपोर्ट कोर्ट को दी जाएगी। इस पर कोर्ट ने याची के अधिवक्ता को एडीजे के हलफनामे का जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। याचिका पर नवंबर माह में होगी।

यह है मामला
2018 में सोरांव के दिगहिया गांव में प्रताप उनकी पत्नी रिंकी देवी, उनकी सास और नाबालिग बच्चे की रात में सोते समय हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद कुल छह लोगों को अभियुक्त बनाया है, जिसमें तीनों याचीगण भी शामिल हैं। अधिवक्ता संगम लाल केसरवानी का कहना है कि याची आरोपियों को इसलिए अभियुक्त बनाया गया क्योंकि उनके बारे में पुलिस को बताया गया कि वह लोग घटना के बाद से गायब हैं और लगातार छिप रहे हैं। इससे उनके घटना में शामिल होने की संभावना है।
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