इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सशस्त्र बल अधिकरण को 90 वर्षीय पूर्व सैनिक के 34 साल से लंबित मुकदमे को एक दिसंबर तक निस्तारित करने का आदेश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने स्क्वाड्रन लीडर आरके कश्यप की याचिका पर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सशस्त्र बल अधिकरण को 90 वर्षीय पूर्व सैनिक के 34 साल से लंबित मुकदमे को एक दिसंबर तक निस्तारित करने का आदेश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने स्क्वाड्रन लीडर आरके कश्यप की याचिका पर दिया।
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याची ने वर्ष 1991 में मूल वाद दाखिल किया था जिसे खारिज कर दिया गया। इसके खिलाफ जिला जज आगरा के समक्ष अपील लंबित थी। सशस्त्र बल अधिकरण का गठन होने के बाद वर्ष 2017 में यह मामला एएफटी लखनऊ स्थानांतरित हो गया। इस तरह अधिकरण में भी करीब नौ साल से मामला लंबित है।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि याची की उम्र करीब 90 वर्ष हो चुकी है। इसके बावजूद बार-बार सुनवाई टल रही है। शीघ्र सुनवाई के लिए कई बार प्रयास किए गए लेकिन किसी न किसी कारण से स्थगन हो जाता है।
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जिला अदालत आगरा से मुकदमे का रिकॉर्ड पहले ही एएफटी को भेजा जा चुका था। इसके बावजूद अधिकरण ने दोबारा रिकॉर्ड मंगाने का आदेश दिया। जिला अदालत ने रिकॉर्ड भेजे जाने की पुष्टि भी कर दी लेकिन कई बार मामला सूचीबद्ध होने के बाद भी सुनवाई नहीं हो सकी। याची ने इसे अपनी उम्र और मुकदमे की लंबी अवधि को देखते हुए अनुचित बताया।