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प्रयागराज : नाबालिग छात्र की खुदकुशी के मामले में जांच के आदेश, परिजनों का आरोप- पुलिस की पिटाई और दी थी धमकी

Mon, 29 May 2023 06:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

परिजनों का आरोप है कि मोहल्ले के ही कुछ लोगों की ओर से पिटाई किए जाने व दरोगा के जेल भेजने की धमकी देने से दहशत में आकर उसने यह कदम उठाया। धूमनगंज पुलिस पूरे मामले को दबाने में लगी रही। रविवार को जब मीडिया में यह खबर आई तो अफसरों को जानकारी हुई।
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सनी सिंह। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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धूमनगंज के साकेत नगर में पूर्व सैनिक के 17 वर्षीय बेटे शैल सनी सिंह की खुदकुशी के मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रकरण की जांच कर एसीपी धूमनगंज को रिपोर्ट देने को आला अफसरों की ओर से निर्देशित किया गया है। हालांकि मामले की जांच शुरू नहीं हो सकी। परिजनों के मुताबिक, जांच अधिकारी अथवा अन्य किसी पुलिसकर्मी ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया। इसी साल 12वीं की परीक्षा पास करने वाले शैल सनी ने शुक्रवार रात आठ बजे के करीब घर के भीतर फांसी लगाकर जान दे दी थी।

परिजनों का आरोप है कि मोहल्ले के ही कुछ लोगों की ओर से पिटाई किए जाने व दरोगा के जेल भेजने की धमकी देने से दहशत में आकर उसने यह कदम उठाया। धूमनगंज पुलिस पूरे मामले को दबाने में लगी रही। रविवार को जब मीडिया में यह खबर आई तो अफसरों को जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने संज्ञान में लेकर पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए। हालांकि आदेश के बावजूद देर रात तक जांच शुरू नहीं हुई।

जांच अधिकारी या धूमनगंज थाने के अन्य किसी पुलिसकर्मी ने पीड़ित माता-पिता से कोई संपर्क नहीं किया। पिता संतोष कुमार सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनसे या परिवार के लोगों से पुलिस ने किसी तरह का कोई संपर्क नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि वह मामले की शिकायत जल्द ही दर्ज कराएंगे।

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घर के भीतर फंदे पर लटका मिला था

शैल सनी शुक्रवार रात घर के भीतर फांसी के फंदे पर लटका मिला था। वह स्कॉर्पियो चला रहा था जिसकी टक्कर से मोहल्ले में स्थित एक घर का गेट क्षतिग्रस्त हो गया। आरोप है कि इस पर घर मालिक ने कुछ अन्य लोगों संग मिलकर उसे पीट दिया। आरोप यह भी है कि सूचना पर पहुंचे दरोगा ने उसे जेल भेजने की धमकी दी और मां व बड़े भाई को थाने ले गई। इसी से दहशत में आकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी। उधर इस मामले में जांच अधिकारी एसीपी धूमनगंज से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

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सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता था शैल सनी

पुलिस से खौफजदा होकर फांसी लगाने वाला 17 साल का शैल सनी सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता था। उसका सपना था कि वह आईआईटी से पढ़ाई करे और यही वजह थी कि 12वीं का परिणाम आने के ठीक बाद ही उसने जेईई की कोचिंग भी शुरू कर दी थी। लेकिन एक झटके में न सिर्फ उसके बल्कि पूरे परिवार के सपने चकनाचूर हो गए।

घटना के तीसरे दिन भी परिवार के लोग गहरे सदमे में रहे। मां गुड़िया व पिता संतोष बेटे को याद करके कलपते रहे। भाई बॉबी भी गमगीन रहा। रिश्तेदार उन्हें किसी तरह ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे। पिता संतोष ने बताया कि बेटा सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता था। उसका सपना था कि वह आईआईटी में पढ़े। तबीयत खराब हाेने के कारण 11वीं में नंबर अच्छे नहीं आए थे। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। जमकर मेहनत की और 12वीं की परीक्षा 85 प्रतिशत अंकों से पास की।

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