Opposition to CAA: People gathered after prayers
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सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में मंसूर अली पार्क में महिलाओं का धरना लगातार 27वें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। जुमे की नमाज के बाद धरना स्थल पर भीड़ उमड़ी। प्रगतिशील संगठनों से जुड़ी महिलाओं के अलावा वामपंथी नेताओं ने भी धरने में शामिल होकर एनआरसी के खतरे बताए।
मंसूर अली पार्क में महिलाओं के पहुंचने का क्रम सुबह से ही शुरू हो गया था। जुमे की नमाज के बाद यह सिलसिला और तेज हो गया और देर रात तक जारी रहा। अटाला, सदियापुर, करेली आदि मोहल्लों के अलावा घुरपुर, कौशाम्बी सीमा से लगे गांवों की महिलाआें ने भी सीएए के विरोध में जुलूस निकालकर धरनास्थल पर पहुंचीं। प्रगतिशील महिला संगठन से जुड़ीं इंद्रकली, अनीता देवी, राजकली, उषा देवी, गीता देवी, शांति देवी, ज्योति निषाद, किरण आदि आदिवासी महिलाएं धरने में शामिल हुईं।
लखनऊ से आए शम्सुल इस्लाम ने धरना स्थल पर ही कार्यशाला आयोजित कर सीएए, एनआरसी, एनपीआर से होने वाले नुकसान बताए। मिर्जापुर के सुधाकर यादव, जीरा भारती आदि ने भी सीएए के नुकसान पर चर्चा की। पार्क में धरने के दौरान चंदा बाजी, सबीहा मोहानी, सायरा अहमद, सानिया मोहसिन, इरशाद उल्ला, अफसर महमूद, अकीलुर्रहमान आदि ने विचार रखे। सपा नेता सै.मो.अस्करी ने सीएए के समर्थन में भाजपा के अभियान पर सवाल उठाएा। कहा, भाजपा लोगों को गुमराह कर रही है।