इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्यूबवेल आपरेटर भर्ती 2016 में रिक्त रह गए पदों पर भरे जाने के संबंध में चार सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया है। यह पद चयनित अभ्यर्थियों द्वारा ज्वाइन न करने के कारण खाली रह गए हैं।याची का कहना था कि सरकार चयनित लोगों को खाली पदों पर नियुक्त करने के बजाए पदों को अगली भर्ती के लिए कैरी फारवर्ड करना चाहती है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी ने अंबरीश कुमार सिंह व 20 अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना था कि उ प्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भर्ती निकाली। 27 जून 19 को 3210 अभ्यर्थियों को चयनित कर दस्तावेज सत्यापित करने के लिए बुलाया था जिसमें से से 614 अभ्यर्थी सत्यापन कराने नहीं आए।
13 सितम्बर 19 को 743 लोगों को दस्तावेज सत्यापित करने के लिए बुलाया गया। याचीगण के दस्तावेजों का भी सत्यापन हुआ था। किन्तु 27नवंबर 19को अंतिम परिणाम घोषित किया गया तो चयन सूची में उनका नाम नहीं था।कई चयनित अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया और पद खाली रह गए।
आयोग का कहना था कि उसने परीक्षा लेकर अपनी संस्तुति राज्य सरकार को भेज दी है। उसका अधिकार समाप्त हो गया है। राज्य सरकार ही इस मामले में निर्णय ले सकती है। इसपर कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्णय लेने का निर्देश दिया है।