उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि में आगामी सत्र से योग में स्नातक एवं परास्नातक (यूजी-पीजी) पाठ्यक्रम की पढ़ाई होगी। राष्ट्रीय स्तर पर योग की मांग एवं यूजीसी के निर्देश पर विवि की ओर से योग में स्नातक एवं परास्नातक के लिए सीबीसीएस के आधार कोर्स तैयार कर लिया गया है। विवि कार्य परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में मानविकी विद्या शाखा के तहत योग में स्नातक, परास्नातक तथा पीजी डिप्लोमा चलाए जाने का निर्णय लिया गया। विवि ने इसके साथ नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को कार्यक्रम पूरा करने पर फोटोयुक्त डिग्री देने का फैसला किया है।
विवि की कार्य परिषद की बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने की। बैठक में अवध विवि के कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल, बीएचयू केप्रोफेसर रजनी रंजन झा, डॉ. बीबी अग्रवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कार्य परिषद की बैठक में हुए निर्णय
0 सभी क्षेत्रीय केंद्रों के लिए निजी भवन की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जमीन तलाश करने को कहा जाएगा। छात्रों के लिए एक-एक सुविधा संपन्न अध्ययन केंद्र विकसित करने का निर्णय लिया गया।
0 विवि एवं क्षेत्रीय केंद्रों पर रिक्त पदों का विज्ञापन कराए जाने का फैसला।
0 इलाहाबाद में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में स्थित छात्र-छात्राओं के लिए विवि में कम्युनिटी रेडियो स्थापित करने का फैसला।
0 पीएचडी कार्यक्रम दोबारा शुरू करने केलिए 17 शिक्षकों को शोध पर्यवेक्षक एवं निदेशक के रूप में मान्यता दी गई।
0 छात्रों के अंकपत्रों एवं उपाधियों पर विवि के अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। इसे विवि की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
0 ऑनलाइन एवं प्रिंट स्वअध्ययन सामग्री निर्माण के लिए कामनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया को प्रस्ताव भेजा है।
0 विवि के चौथे परिसर के लिए 25 एकड़ की भूमि क्रय करने का फैसला हुआ।