कोविड-19 आपदा ने वैश्विक स्तर पर अनेक परिवर्तनों को जन्म दिया है, जिसके दीर्घावधि परिणाम देखने को मिलेंगे। इसकी वजह से वर्तमान वैश्विक राजनैतिक एवं सामाजिक व्यवस्था के परिवर्तनों के साथ पर्यावरणीय एवं जलवायु परिवर्तन भी परिलक्षित होने लगे हैं। इन्हीं परिवर्तनों एवं प्रभाव को ध्यान में रखते ईश्वर शरण में दो दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
‘कोविड-19 : लॉक डाउन एंड इंवायर्नमेंटल रेस्टोरेशन’ विषय पर 25 एवं 26 अप्रैल को ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में जून एप के माध्यम से देश भर के प्रतिभागियों को एक मंच पर लाया जाएगा। कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् प्रशिक्षण एवं परिचर्चा का संचालन करेंगे। इस कार्यक्रम में देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक ऑनलाइन आवेदन कर प्रतिभाग कर सकेंगे। आवेदन 24 अप्रैल को शाम पांच बजे तक स्वीकार किए जाएंगे।
इसका विस्तृत विवरण कॉलेज की वेबसाइट पर उपलब्ध है। कार्यशाला पूरी तरह से नि:शुल्क होगी और प्रतिभागियों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। कार्यशाला पूर्ण करने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। इसमें अधिकतम 100 प्रतिभागी ही शामिल हो सकेंगे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उन सकारात्मक पर्यावरणीय परिवर्तनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना है, जिसे इस लॉक डाउन अवधि में हमारी प्रकृति ने रीस्टोर किया है। यह पूरी मानवता, विश्व व्यवस्था एवं प्रकृति और पृथ्वी के लिए अमूल्य है।