डिजिटाइजेशन के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन जोरों पर है। जिसका असर छोटे कस्बों, बाजारों के व्यापारियों पर पड़ रहा है। सहलग के सीजन में भी कोरांव क्षेत्र की ज्यादातर दुकानों पर सन्नाटा पसरा है। फुटकर व्यापारी परेशान हैं।
व्यापारियों के मुताबिक कोरांव में प्रतिदिन करीब चार से पांच लाख रुपये का ऑनलाइन कारोबार किया जा रहा है। बड़ोखर के अनूप द्विवेदी, अमन केशरी, करपिया के पवन मिश्र, अभी केशरी ने बताया कि बाजार में सामान वापस करने में काफी दिक्कतें होती हैं। ऑनलाइन शॉपिंग करने पर सामान वापस करने में सात दिन तक समय मिल जाता है। इसके साथ ही सामान पहुंचाने व वापस ले जाने का कार्य भी घर से ही हो जाता है।
सहूलियत ने बढ़ाई ऑनलाइन खरीदारी, घटी दुकानों की कमाई
कोरांव बाजार के कपड़ा व्यवसायी सौरभ सोनी बताते हैं कि ऑनलाइन शॉपिंग में सहूलियत के चलते बाजार में सन्नाटा है। लुभावने ऑफर और सस्ते सामान देख लोग खरीदारी कर रहे हैं। बड़ोखर बाजार के कॉस्मेटिक व्यापारी कमला मौर्या ने बताया कि आजकल महिलाएं बाजार आने की जगह ऑनलाइन ही कॉस्मेटिक के सामान मंगा ले रही हैं। जिस वजह से दुकानदारों को काफी नुकसान हो रहा है।
घर से बाहर जाने की नहीं पड़ती जरूरत
सुमन शुक्ला निवासी बडोखर ने बताया कि महिलाओं को खरीदारी करने के लिए नगर व गांव के बाजार जाना पड़ता था। कई बार घर आने पर सामान पसंद न आने पर वापस भी करने जाते थे। ऑनलाइन शॉपिंग में चीजें आसान हो गई हैं। ऑनलाइन विकल्प मिल जाते हैं। पसंद न आने पर वापस करने का विकल्प रहता है।
सामान के बदले धनराशि वापसी की है सुविधा
प्राची मिश्रा निवासी टुडियार ने बताया कि दुकान से सामान लाने के बाद यदि पसंद नहीं है तो उसे बदलने के लिए दुकानदार से माथापच्ची करनी पड़ती है। कई बार तो दुकानदार झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं, ऐसे में महिलाएं असहज महसूस करती हैं। ऑनलाइन शॉपिंग में पसंद न होने पर खरीदे गए सामान की वापसी हो जाती है और रुपये भी वापस मिल जाते हैं।