त्योहारी सीजन में घर आने-जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां प्रमुख रूटों की स्पेशल ट्रेनें पूरी तरह पैक हैं, वहीं दूसरी तरफ रोडवेज की ऑनलाइन बस सेवाओं का लाभ भी यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है।
प्रयागराज क्षेत्र से संचालित होने वाली 70 से अधिक एसी बसों में से एक भी बस ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। यह हाल तब है जब निगम मुख्यालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि 80 फीसदी ऑनलाइन बस सेवाएं अनिवार्य रूप से संचालित होनी चाहिए लेकिन धरातल पर इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
रोडवेज प्रयागराज रीजन के जीरोरोड, सिविल लाइंस, प्रयाग, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ और लीडर रोड समेत विभिन्न डिपो से लखनऊ और दिल्ली समेत प्रमुख मार्गों के लिए 75 एसी बसों का संचालन किया जाता है, जिसमें सबसे अधिक बसें लखनऊ के लिए चलती हैं। वर्तमान में ऑनलाइन पोर्टल और एप पर इन सरकारी बसों की सेवाएं नजर नहीं आने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं ऑनलाइन एप पर सबसे पहले निजी बसों की सेवाएं दिखती हैं। यात्री रोडवेज की बसें तलाशते रह जाते हैं, लेकिन उन्हें विकल्प नहीं मिलता। त्योहार के इस व्यस्त सीजन में बसों की कमी और ऑनलाइन बुकिंग न होने का फायदा उठाते हुए निजी बस संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
गुरुग्राम स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत प्रयागराज के मयंक रस्तोगी ने बताया कि वह एसी स्लीपर बस से छह नवंबर को प्रयागराज पहुंच रहे है। इसके लिए उन्होंने 3800 रुपये का टिकट लिया।
बसों का समय निर्धारित रहता है लेकिन जाम की स्थिति बनने से समय सारिणी प्रभावित हो जाती है। इससे बसों को ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध नहीं कराया जाता है। हालांकि, त्योहार को देखते हुए कुछ बसों में ऑनलाइन सुविधा शुरू की जाएगी।
- रविंद्र कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, प्रयागराज