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Prayagraj News: बारा में एक हजार एकड़ फसल पानी में डूबी, किसान परेशान

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बारा तहसील क्षेत्र के पिपरांव नाले की सफाई दो वर्षों से नहीं हुई। इसके कारण लगभग एक हजार एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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बारा क्षेत्र में यमुना नदी उफान पर है दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। पीड़ित किसानों का कहना है कि समय रहते यदि नाले की सफाई हो गई होती तो आज यह स्थित उत्पन्न न होती। प्रशासन को पिपरांव बांध से डूबी फसल की चिंता तक नहीं है। यदि जल्द पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो किसान तबाह हो जाएगा। पिपरांव, भेलाव, लोहगरा, ललई चंदरा गांव का एक संयुक्त ताल है। इसका क्षेत्रफल लगभग 500 एकड़ बताया जा रहा है। किनारे लगभग नौ किमी लंबा बांध है। बांध का पानी दो नालों से निकल कर यमुना और टोंस नदी में गिरता है।
एक नाला पिपरांव की ओर से निकलता है जबकि दूसरा पीपीजीसीएल बारा के बगल से। पिपरांव प्रधान ओमप्रकाश मिश्र,साहिद अहमद, पूर्व प्रधान मोहम्मद अली,कमलेश मिश्रा, नरेंद्र कुमार, कमलाकर, लालू प्रसाद, प्रधान गींज राम गुलाब, असरवई के राकेश बिंद,भेलाव लोहगरा के दिवाकर सिंह, रविन्द्र सिंह, चामू के सूबेदार बिंद, राकेश यादव, अमर सिंह, छोटकऊ यादव आदि ने बताया कि नाले की सफाई दो वर्षों से नहीं हुई है।
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बारिश के पूर्व विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके कारण पिपरांव ताल की फसल तो डूब ही गई है, इसी के साथ असरवई, चामू,बैजला,गींज आदि गांवों की भी लगभग 500 एकड़ फसल नालों के ओवर फ्लो होने से डूब गयी है। कई दिनों से फसल जलमग्न रहने से सड़ गई हैं। मामले में एसडीएम बारा प्रेरणा गौतम का कहना है कि जानकारी में नहीं है जांच कराकर अविलंब समाधान कराया जाएगा।
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