बरौत जराही गांव रोते विलखते परिजन फोटो बरौत
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क्षेत्र के गोड़री गांव में रविवार को गंगा में डूबा किशोर का शव मंगलवार की सुबह उतराता मिला। किशोर बाढ़ देखने के लिए गया था। तब से लापता था। पुल के पास उसका चप्पल देखकर आशंका जताई जा रही थी कि वह पानी में डूबा है।
हंडिया थाना क्षेत्र के जरांही गांव निवासी रमेश पाल के तीन बेटों में दूसरे नंबर का 17 वर्षीय दीपक कुमार पाल रविवार को शाम चार बजे के करीब गोड़री गांव के पास बाढ़ देखने गया था। दरअसल, गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ का पानी गोड़री गांव के पास तक आ गया है। जब वह शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजन उसे खोजने लगे। गोड़री पीपा पुल के पास उसका चप्पल मिला। लोग आशंका जताने लगे कि वह पानी में डूबा है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिजन और ग्रामीण पुलिस से गोताखोर बुलाने की मांग की। लेकिन, गोताखोर नहीं बुलाया गया।
मंगलवार को रमेश पाल के घर से एक किलोमीटर दूर बाबुल के पेड़ के पास पानी में किशोर का शव औंधे मुंह उतराता मिला। शव पूरी तरह से फूला हुआ था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना परिजनों को दी।
किशोर का शव देख कर उसकी मां सरस्वती देवी व पिता रमेश पाल अचेत हो गए। पूरे गांव में मातम छा गया। दिलीप हंडिया के एक कॉलेज में इंटर का छात्र था। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते गोताखोर की टीम मौके पर पहुंची होती तो हो शायद किशोर की जान बचाई जा सकती थी।