पुलिस को दी तहरीर में उमेश ने आरोप लगाया था कि उसने वर्ष 2018 में पीपलगांव में 3310 वर्गमीटर जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इसके बाद जब भी वह चौहद्दी बनवाने जाता, अतीक अहमद के गिरोह के सक्रिय सदस्य व भूमाफिया खालिद जफर, मो. मुस्लिम, दिलीप कुशवाहा, अबूसाद व अन्य असलहे लेकर आते और उसे रोक देते थे।
अतीक अहमद नहीं रहा, लेकिन उसके गुर्गों से पार पाने में पुलिस अब भी नाकाम है। माफिया के इशारे पर उमेश पाल को तमंचा सटाकर एक करोड़ गुंडा टैक्स मांगने के आरोपी नौ महीने बाद भी पकड़ से दूर हैं। इस मामले में विवेचना के दौरान पुलिस ने अतीक अहमद को भी आरोपी बनाया था। साथ ही हिस्ट्रीशीटर हरिश्चंद्र पासी का भी नाम मुकदमे में शामिल किया था।
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इस मामले की एफआईआर पिछले साल 24 अगस्त को उमेश ने धूमनगंज थाने में दर्ज कराई थी। मामले में खालिद जफर, मो. मुस्लिम, अबू साद, दिलीप कुशवाहा को नामजद कराया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने मुकदमे में आपराधिक षड्यंत्र की धारा भी जोड़ी थी। रिपोर्ट दर्ज हुए नौ महीने बीत चुके हैं लेकिन अब तक पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
असलहा सटाकर लिया था अतीक का नाम
पुलिस को दी तहरीर में उमेश ने आरोप लगाया था कि उसने वर्ष 2018 में पीपलगांव में 3310 वर्गमीटर जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इसके बाद जब भी वह चौहद्दी बनवाने जाता, अतीक अहमद के गिरोह के सक्रिय सदस्य व भूमाफिया खालिद जफर, मो. मुस्लिम, दिलीप कुशवाहा, अबूसाद व अन्य असलहे लेकर आते और उसे रोक देते थे।
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एसडीएम के आदेश पर पैमाइश के बाद वह फिर जमीन पर गया तो उससे गालीगलौज की गई। 11 फरवरी 2022 को खालिद जफर व उसके साथी जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। उसने पहुंचकर विरोध किया तो असलहा सटा दिया और धमकाया कि सांसद अतीक भाई का आदेश है, पहले एक करोड़ रुपये दो, वरना इस जमीन को भूल जाओ। बिना एक करोड़ दिए जमीन पर आए तो मारे जाओगे।