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दो घरों के बुझे चिराग, मांओं के रुदन से कांप उठे कलेजे

Sun, 06 Dec 2020 12:06 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : सड़क हादसे में मौत का रितेश और शशांक (फाइल फोटो)।शिकार बने - फोटो : prayagraj
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शशांक जायसवाल उर्फ ओम और रीतेश सिंह उर्फ लालू शाम को एक साथ कोचिंग जाने के लिए निकले थे। उनकी मांओं ने हिदायत दी थी जल्दी लौटना। ठंड ज्यादा पड़ रही है लेकिन अब दोनों कभी नहीं लौटेंगे। ओम और लालू की मांएं उनकी राह तकती रह गईं। ओम और लालू की मांओं को तो काफी देर तक बताया ही नहीं गया था कि उनके जिगर के टुकड़े अब इस दुनिया में नहीं रहे। जो भी फोन करता, वे सिर्फ यही कहतीं कि बेटा अस्पताल में भर्ती है। वह जल्द ही घर आ जाएगा। बाद में जब दोनों को बेटों की मौत के बारे में खबर मिली तो उन पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। दोनों कलपनें लगीं।
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 रीतेश सिंह के पिता बृजेंद्र सिंह सीआरपीएफ में सिपाही हैं। इन दिनों वह दिल्ली में तैनात हैं। शांतिपुरम स्थित घर पर उनकी पत्नी किरन सिंह बच्चों के रहती हैं। नीतेश फाफामऊ स्थित प्रयागराज पब्लिक स्कूल में कक्षा ग्यारह का छात्र था। छोटा भाई नीतेश और बहन रितिका उर्फ बिट्टू भी उसी स्कूल में पढ़ते हैं। शांतिपुरम में उनके पड़ोस में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद जायसवाल प्राइवेट काम करते हैं। ओम दो बहनों मोना और सोना के बीच इकलौता भाई था। ओम फाफामऊ में गुरुकुल मांटेसरी स्कूल में कक्षा 11 का छात्र था।

ओम और लालू के स्कूल अलग थे लेकिन दोनों एक ही कक्षा में पढ़ते थे और तेलियरगंज स्थित कोचिंग साथ में पढ़ने जाते थे। शनिवार को भी ओम अपने घर से निकला। उससे पहले मां उमा ने उसे नाश्ता कराया और जाते जाते कहा कि वह कोचिंग से सीधा घर आए। काफी ठंड है। इसी तरह लालू की मां किरन उसे जाते जाते हिदायत दी कि स्कूटी धीरे धीरे चलाना और जल्दी घर लौटना। रीतेश अपने घर से स्कूटी लेकर निकला और सीधे ओम के घर पहुंचा। वहां से दोनों कोचिंग जाने के लिए चल पड़े।
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ओम की मां उमा देवी और लालू की मां किरन इंतजार ही करती रह गईं। दोनों के निकलने के कुछ देर बाद ही खबर आ गई कि उनका एक्सीडेंट हो गया। बाकी घर वाले तो अस्पताल की ओर भागे लेकिन उनकी मांओं को यह बताया कि ओम और लालू दोनों घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। उमा देवी और किरन दोनों घर के मंदिर में बेटों की सलामती की दुआएं करने लगीं। इस बीच जिसका फोन आता, दोनों यही बतातीं कि बेटा अस्पताल में भर्ती है। जल्द ही घर वापस आ जाएगा। काफी देर बाद जब उमा और किरन को सच्चाई का पता चला तो दोनों रो पड़ीं। उनके दिल दहला देने वाली रुदन से लोगों के कलेजे कांप उठे।

पिता दिल्ली से चले, सुबह तक पहुंचेंगे

रीतेश के पिता बृजेंद्र सिंह दिल्ली में तैनात हैं। वह इन दिनों दिल्ली में रह रहे हैं। उन्हें जैसे ही घटना के बारे में पता चला, वे प्रयागराज के लिए चल दिए। उनके रविवार सुबह तक पहुंचने की संभावना है।

दोनों छात्रों के स्कूल वाले दुखी

शशांक गुरुकुल मांटेसरी स्कूल में कक्षा ग्यारह का छात्र था। शाम को जैसे ही प्रबंधक वीरेंद्र सिंह को पता चला उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वीरेंद्र का कहना है कि वे बहुत दुखी हैं। पूरा स्कूल प्रशासन शशांक के घर वालों के साथ है। प्रयागराज पब्लिक स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ने वाले रीतेश सिंह के बारे में जब स्कूल के निदेशक एमएम पांडेय को पता चला तो वे रीतेश के घर पहुंचे और सांत्वना दी।
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