पूछताछ में बताया कि जब उसके अब्बा जेल में थे, तब उनका भोजन बाहर से आया करता था और कोई भी अधिकारी उनके काम में दखलअंदाजी नहीं करता था। पूछताछ के दौरान उसने तन्हाई में रहने पर आपत्ति जताई। कहा कि यहां अकेले रहकर बोर हो गया हूं। कितनी किताबें पढ़ी जाएं, यहां समय नहीं कटता है। पूछताछ के दौरान उसने जेल के अंदर की व्यवस्था के बारे में भी बताया। टीम ने अनिल धनपत की बैरक की तलाशी लेते हुए घी के डिब्बे में लाए जा रहे मोबाइल के बारे में भी पूछताछ की।