कृषक बीमा योजना सहित अन्य सभी बीमा योजनाओं से संबंधित मामलों का निस्तारण समय से कर लिया जाए और लाभार्थी के खाते में धनराशि ट्रांसफर होते ही लाभार्थी को एमएमएस के माध्यम से इसकी सूचना दे दी जाए। यह निर्देश राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव धीरज साहू ने बुधवार को कलक्ट्रेट में आयोजित विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक में जारी किए।
उन्होंने तालाबों से अतिक्रमण हटाने और तालाबों की खोदाई कराकर मत्स्य पालन पट्टे के रूप में उसका उपयोग किए जाने का निर्देश दिया। सभी उपजिलाधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों से कहा कि पांच वर्ष से अधिक पुराने एवं लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाई जाए। इसके अलावा मुकदमों की फाइल में वादी एवं प्रतिवादी को मोबाइल नंबर आवश्यक रूप से दर्ज किए जाने के निर्देश दिए।
इससे पूर्व उन्होंने तहसील सदर, कलक्ट्रेट एवं राजस्व परिषद परिसर का निरीक्षण किया। तहसील सदर में दर्जनों पत्रावलियां देखीं। तहसीलदार के पेशकार से पूछा कि मुकदमों को नियमित रूप से ऑनलाइन दर्ज करते हैं या नहीं। पेशकार ने कहा कि यह काम नियमित रूप से हो रहा है तो उन्होंने पेशकार को कंप्यूटर खोलने के निर्देश दिए लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी कंप्यूटर नहीं खुला।
इस पर सचिव ने एसडीएम सदर को निर्देश दिए कि बाद में कंप्यूटर खुलवाकर इसकी जांच खुद करें। इसके अलावा तहसील में आलमारियों एवं पंखों को ठीक कराने और परिसर की रंगाई-पुताई नए कलर कोड के हिसाब से कराने को कहा। साथ ही लेखपालों की जीपीएफ पासबुक नियमित रूप से इंट्री कराने का निर्देश दिया। कलक्ट्रेट में उन्होंने डीएम कोर्ट, एडीएम सिटी का चैम्बर, न्यायिक अभिलेखागार, राजस्व अभिलेखागार, भू अभिलेख और कार्यालय का निरीक्षण करते हुए फाइलों के डिजिटिलाइजेशन का कार्य समय से पूरा करने को कहा। उन्होंने राजस्व परिषद परिसर का भी भौतिक सत्यापन किया। बताया राजस्व परिषद परिसर के सुंदरीकरण की योजना बन चुकी और इस पर 18 से 20 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। इसके तहत राजस्व परिषद को पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत भी किया जाना है।