संगम नगरी के प्रयागराज एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जून की तुलना में इस बार 20 फीसदी की कमी आई है।
महाकुंभ के बाद से ही एयरपोर्ट से संचालित विमानों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू जैसे बड़े शहरों की तरफ जाने वाले विमानों के कंपनियों ने जहां फेरे कम कर दिए हैं तो वहीं लखनऊ, रायपुर, पुणे, गोरखपुर, देहरादून, भोपाल, इंदौर आदि शहरों के लिए संचालित विमानों का संचालन भी बंद हो गया है।
कनेक्टिंग फ्लाइट्स न मिलने और समय सारणी में बदलाव के कारण यात्रियों ने अन्य विकल्पों या नजदीकी एयरपोर्ट का रुख करना शुरू कर दिया है। जून माह में मात्र 266 विमानों की आवाजाही हुई। कोरोना काल के दौरान जून 2020 के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।
चार साल की बढ़त धड़ाम, महज 42 हजार पर सिमटा आंकड़ा
प्रयागराज एयरपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2022 से लेकर वर्ष 2025 तक हर साल जून के महीने में एयरपोर्ट से आवाजाही करने वाले मुसाफिरों की संख्या 50 हजार के पार रही है। गर्मियों की छुट्टियों के कारण इस अवधि में भारी भीड़ उमड़ती थी। इस वर्ष यात्रियों की संख्या महज 42 हजार ही रही। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में यात्री संख्या में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
माह यात्रियों की संख्या : विमानों की संख्या
जून 2022 : 50151 : 636
जून 2023 : 59273 : 630
जून 2024 : 50025 : 500
जून 2025 : 51635 : 381
जून 2026: 42189 : 266
संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा उठाया जाएगा। प्रयागराज देश का महत्वपूर्ण शहर है। यहां से देश के सभी प्रमुख शहरों के लिए सीधी विमान सेवा होनी चाहिए। - प्रवीण पटेल, सांसद व चेयरमैन प्रयागराज एयरपोर्ट सलाहकार समिति