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युवती को जीवित या मृत खोजने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए, पुलिस बताए : हाईकोर्ट

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक युवती के कथित गुमशुदगी और हत्या के मामले में पुलिस से पूछा है कि युवती को जीवित अथवा मृत खोजने के लिए अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही कोर्ट ने जांच की प्रगति, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए की गई कार्रवाई और चार्जशीट की स्थिति भी व्यक्तिगत हलफनामे में बताने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकलपीठ ने लवली एवं अन्य की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया।कोर्ट के समक्ष 26 मई 2025 को फिरोजाबाद के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनुज चौधरी और थाना फरिहा के उपनिरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया था कि लवली की कथित हत्या कर उसका शव नहर में फेंक दिया गया है। हालांकि, अब तक शव बरामद नहीं हो सका है। इस मामले में शामिल आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जबकि एक आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण का आवेदन दिया है।
कोर्ट ने कहा कि युवती पहले नारी निकेतन में रह रही थी। 12 जनवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में बाल कल्याण समिति ने उसे उसके माता-पिता की सुपुर्दगी में सौंप दिया था। इसके बाद उसके लापता होने और कथित हत्या की बात सामने आई। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि मामला हत्या का हो सकता है, क्योंकि युवती ने अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध याची के बेटे से विवाह किया था।
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सरकारी अधिवक्ता ने दलील दी कि 20 मई 2026 को फिरोजाबाद के थाना फरिहा में हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है। इसलिए हत्या के आरोपों की जांच जारी है। वहीं, युवती के परिजनों की ओर से कहा गया कि 10 मई को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
कोर्ट ने फिरोजाबाद के एसएसपी और थाना फरिहा के एसएचओ से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया है कि युवती की तलाश में क्या प्रयास किए गए। जांच किस चरण में है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्या कार्रवाई हुई और क्या मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।
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